कलानी इम्पेक्स मामले में ईडी की छापेमारी, विदेशों में अघोषित परिसंपत्तियों और बैंक खातों का खुलासा

कलानी इम्पेक्स मामले में ईडी की छापेमारी, विदेशों में अघोषित परिसंपत्तियों और बैंक खातों का खुलासा

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नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कहा कि उसने कलानी इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके सक्रिय निदेशक धर्मेश नरेंद्र सांगाणी के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत हाल ही में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान एजेंसी को विदेशों में अघोषित परिसंपत्तियों, विदेशी बैंक खातों और संदिग्ध सीमा-पार वित्तीय लेनदेन से जुड़े साक्ष्य मिले हैं। ईडी के अनुसार, फेमा के कथित उल्लंघनों की चल रही जांच के तहत गुरुवार को तलाशी अभियान चलाया गया। एजेंसी ने कहा कि निर्यात से प्राप्त वह विदेशी मुद्रा, जिसे नियमानुसार भारत वापस लाया जाना था, काफी समय बीत जाने के बावजूद प्राप्त नहीं हुई।

ईडी के मुताबिक, कई मामलों में निर्यात आय की प्राप्ति के लिए अधिकृत डीलर बैंक से समय-सीमा बढ़ाने की अनुमति भी नहीं ली गई थी। इसके अलावा, बकाया राशि की वसूली के लिए किए गए किसी भी प्रयास का दस्तावेजी रिकॉर्ड भी नहीं मिला। ईडी की जांच में यह भी पता चला कि निर्यात भुगतान कथित तौर पर ऐसी बाहरी संस्थाओं से प्राप्त किये गये थे, जो निर्यात बिल और शिपिंग दस्तावेजों में बताए गए खरीदारों या माल पाने वालों से अलग थीं। अधिकारियों को छापेमारी के दौरान कथित तौर पर संगानी से जुड़ी अघोषित विदेशी संपत्ति और विदेशी बैंक खातों के सबूत मिले। एजेंसी ने बताया कि कनाडा स्थित एक अघोषित कंपनी में संगानी की बड़ी हिस्सेदारी का पता चला, जबकि उससे जुड़े विदेशी बैंक खाते और संबंधित लेनदेन की जानकारी संबंधित अधिकारियों को नहीं दी गई थी। एजेंसी ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में भी एक अघोषित व्यावसायिक इकाई की पहचान की। अब तक की जांच में कनाडा, अमेरिका और यूएई में अघोषित बैंक खातों की पहचान की गई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ब्रिटेन के सीमा शुल्क अधिकारी भी संगानी से जुड़े कुछ लेनदेन की जांच कर रहे हैं, जबकि ईडी उन लेनदेन से जुड़े फेमा के संभावित उल्लंघनों की जांच कर रही है। एजेंसी ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है।

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