सड़कों पर लावारिस वाहन छोड़ना पड़ेगा महंगा, लॉक लगाकर कर दी जाएगी नीलामी
सड़क-फुटपाथ खाली कराने का अभियान शुरू
Bengaluru Abandoned Vehicles: बेंगलुरु। कर्नाटक के बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने शुक्रवार को बेंगलुरु में सड़कों के किनारे और फुटपाथों पर लंबे समय से लावारिस खड़े वाहनों को हटाने के लिए विशेष अभियान की शुरुआत की। अभियान की शुरुआत क्वीन्स रोड से की गई, जहां ऐसे वाहनों पर नोटिस चस्पा किए गए और उनके पहियों पर लॉक लगाए गए। अभियान की शुरुआत करते हुए मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने कहा कि लंबे समय से लावारिस पड़े वाहनों ने सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण कर लिया है, जिससे पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथों का उपयोग करना मुश्किल हो गया है और शहर की सुंदरता भी प्रभावित हो रही है। Bengaluru News
उन्होंने कहा, "लोग अपने पुराने वाहनों को महीनों तक सार्वजनिक सड़कों पर लावारिस छोड़ देते हैं। कई मामलों में हमें यह भी पता नहीं होता कि इन वाहनों के मालिक कौन हैं। जहां-तहां वाहन छोड़ देना अपराध है। यही एक कारण है कि बेंगलुरु अव्यवस्थित दिखाई देता है और पैदल यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।"कृष्णा बायरे गौड़ा ने अभियान के तहत एक लावारिस वाहन पर खुद नोटिस चिपकाया और उसके एक टायर को लॉक किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने 15 दिन पहले ही सार्वजनिक सूचना जारी कर वाहन मालिकों को चेतावनी दी थी कि अगर उन्होंने अपने लावारिस वाहन नहीं हटाए, तो प्रशासन उन्हें हटाने की कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा, "चेतावनी देने के बावजूद कई लोगों ने अपने वाहन नहीं हटाए, इसलिए हमने यह विशेष अभियान शुरू किया है।"
मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने बताया कि यातायात पुलिस ने अब तक शहर की सड़कों और फुटपाथों पर खड़े 1,571 लावारिस वाहनों की पहचान की है।उन्होंने कहा कि यह अंतिम सूची नहीं है और ऐसे वाहनों की संख्या इससे अधिक हो सकती है। उन्होंने बताया कि यह अभियान ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (जीबीए), बेंगलुरु नगर निगम और शहर की ट्रैफिक पुलिस मिलकर चला रहे हैं।
इस अभियान के तहत चिन्हित वाहनों पर नोटिस चिपकाए जाएंगे और उनके मालिकों को वाहन हटाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। इस दौरान मालिक 500 रुपए का जुर्माना भरकर अपना वाहन वापस ले सकते हैं। उन्होंने कहा, "अगर एक सप्ताह के भीतर वाहन नहीं हटाए गए, तो उन्हें टो करके ले जाया जाएगा। इसके बाद भी मालिक टोइंग शुल्क और तय जुर्माना भरकर अपना वाहन वापस ले सकते हैं। अगर इसके बाद भी वाहन नहीं लिया गया तो अखबारों में सार्वजनिक नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस प्रकाशित होने के 15 दिन बाद वाहन की नीलामी कर दी जाएगी। इस नीलामी में कोई भी व्यक्ति हिस्सा लेकर वाहन खरीद सकता है।" Bengaluru News
मंत्री ने बताया कि जिन वाहनों पर नोटिस चिपकाए गए हैं, उनके टायर भी लॉक कर दिए गए हैं, ताकि मालिक बिना अनुमति के उन्हें वहां से न हटा सकें। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि कार्रवाई से बचने के लिए जो लोग अपने लावारिस वाहनों को एक सार्वजनिक सड़क से दूसरी सड़क पर ले जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "मैंने पुलिस को निर्देश दिया है कि जो लोग बार-बार ऐसा करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि कोई व्यक्ति मामूली जुर्माना भरकर अपना वाहन वापस ले और फिर उसे किसी दूसरी जगह छोड़ दे।"
कृष्णा बायरे गौड़ा ने लोगों से अपील की कि वे ट्रैफिक पुलिस के 'अस्त्रम' ऐप के जरिए लावारिस वाहनों की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि शिकायत की जांच के बाद ऐसे वाहनों के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "बेंगलुरु के लोगों को अपनी आदतें बदलनी होंगी। सार्वजनिक सड़कों को निजी पार्किंग की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। सड़कें सभी के लिए हैं और उनका जिम्मेदारी से उपयोग होना चाहिए। इस कार्रवाई से कुछ वाहन मालिकों को असुविधा हो सकती है, लेकिन यह बड़े जनहित के लिए जरूरी है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मकसद एक-दो दिन के लिए सड़क किनारे खड़े वाहनों पर कार्रवाई करना नहीं है। यह अभियान केवल लंबे समय से लावारिस पड़े वाहनों के खिलाफ चलाया जा रहा है। Bengaluru News
उन्होंने कहा, "हम एक-दो दिन के लिए सड़क किनारे खड़े वाहनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। हमारा निशाना सिर्फ वे वाहन हैं, जिन्हें लंबे समय से लावारिस छोड़ दिया गया है। सड़कों पर वाहन खड़े करने पर पूरी तरह रोक लगाना व्यावहारिक नहीं है, क्योंकि शहर में लंबे समय से अनिवार्य ऑफ-स्ट्रीट पार्किंग के नियमों का प्रभावी ढंग से पालन नहीं कराया गया है।" मंत्री ने बताया कि फिलहाल दोपहिया, कार और अन्य सभी वाहनों के लिए जुर्माने की राशि समान रखी गई है। वहीं, वाहन को टो करके ले जाने का शुल्क करीब 1,000 रुपए होने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि बेंगलुरु दक्षिण नगर निगम ने नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहनों को टो करके हटाने की कार्रवाई पहले ही शुरू कर दी है। अब इस अभियान को चरणबद्ध तरीके से शहर के अन्य इलाकों में भी लागू किया जाएगा। इसकी शुरुआत प्रमुख सड़कों से होगी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सड़कों और फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए पार्किंग नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। Bengaluru News