Rajasthan News: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने धरातल पर उतारा सहकारिता मॉडल, सशक्त हो रही ‘गृहलक्ष्मी’
राष्ट्रीय योजनाएं और नवाचार लागू करने में राजस्थान अव्वल
जयपुर। राजस्थान में सहकारिता को ग्रामीण विकास और आर्थिक सशक्तीकरण का मजबूत माध्यम बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के प्रभाव से कृषि, डेयरी, भंडारण, डिजिटल सेवाओं और ग्रामीण रोजगार के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिल रही है। इन पहलों का उद्देश्य किसानों, महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण समुदायों को आत्मनिर्भर बनाते हुए स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। Rajasthan News
राज्य में कृषि उपज के सुरक्षित भंडारण के लिए आधुनिक गोदामों का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। इससे किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने की सुविधा मिलने के साथ बेहतर मूल्य प्राप्त करने की संभावना भी बढ़ी है। आने वाले वर्षों में भंडारण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है, जिससे कृषि क्षेत्र को और मजबूती मिलेगी।
सहकारी संस्थाओं को तकनीक से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बड़ी संख्या में प्राथमिक कृषि साख समितियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है, जिससे ऑनलाइन लेनदेन, पारदर्शिता और सेवाओं की गति में सुधार हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बैंकिंग और सरकारी योजनाओं का लाभ अब पहले की तुलना में अधिक सरलता से उपलब्ध हो रहा है। Rajasthan News
ग्राम पंचायत स्तर पर बहुउद्देशीय सहकारी समितियों का विस्तार भी तेजी से किया जा रहा है। ये समितियां कृषि सेवाओं के अलावा जन औषधि केंद्र, किसान सेवा केंद्र, बीज वितरण, उर्वरक उपलब्धता तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। डेयरी क्षेत्र में भी सहकारिता मॉडल के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। बड़ी संख्या में नए दुग्ध उत्पादकों के जुड़ने से ग्रामीण आय में वृद्धि हुई है। महिला स्वयं सहायता समूहों और महिला दुग्ध उत्पादकों की भागीदारी बढ़ने से आर्थिक सशक्तीकरण को नई गति मिली है।
किसानों के लिए विभिन्न वित्तीय सहायता योजनाओं, पशुपालकों के लिए ऋण सुविधाओं तथा स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के प्रयास भी लगातार किए जा रहे हैं। इसके साथ ही मोटे अनाज (श्री अन्न) को बढ़ावा देने, स्थानीय उत्पादों के विपणन और सहकारी मेलों के आयोजन से ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहन मिल रहा है।
शहरी क्षेत्रों में भी सहकारिता आधारित डिजिटल सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। परिवहन क्षेत्र में स्थानीय टैक्सी प्लेटफॉर्म, स्वास्थ्य सेवाओं में जन औषधि केंद्रों का विस्तार तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सामुदायिक पौधारोपण जैसी पहलें विकास को नई दिशा दे रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सहकारिता, तकनीक और जनभागीदारी का यह मॉडल इसी गति से आगे बढ़ता रहा, तो आने वाले वर्षों में राजस्थान ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि विकास और सामाजिक सहभागिता के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है। Rajasthan News