Punjab: पंजाब कांग्रेस में बढ़ा सियासी घमासान, चन्नी गुट ने राजा वडिंग को हटाने की मांग पर बढ़ाया दबाव

पंजाब कांग्रेस में बढ़ा सियासी घमासान, चन्नी गुट ने राजा वडिंग को हटाने की मांग पर बढ़ाया दबाव

Published On

Punjab: चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर जारी अंदरूनी खींचतान थमती नजर नहीं आ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाला गुट प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पद से हटाने की मांग पर अड़ा हुआ है। पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल के साथ बैठक के बाद भी चन्नी गुट ने साफ संकेत दिए हैं कि केंद्रीय नेतृत्व के फैसले तक वह अपना दबाव बनाए रखेगा।

सूत्रों के अनुसार, चरणजीत चन्नी सोमवार (13 जुलाई) को एक बार फिर अपने समर्थक नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि यह कोई बड़ी बैठक नहीं होगी, लेकिन इसका उद्देश्य केंद्रीय नेतृत्व को यह संदेश देना है कि प्रदेश अध्यक्ष बदलने की मांग अब भी कायम है। माना जा रहा है कि भूपेश बघेल द्वारा अपनी रिपोर्ट कांग्रेस हाईकमान को सौंपे जाने से पहले चन्नी गुट अपनी एकजुटता का प्रदर्शन जारी रखेगा।

बैठक में उठी प्रदेश अध्यक्ष बदलने की मांग |Punjab

शनिवार को चंडीगढ़ में हुई बैठक में चन्नी गुट के करीब 15 प्रमुख नेताओं ने भूपेश बघेल के सामने खुलकर अपनी बात रखी। सभी नेताओं ने एक स्वर में अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की। बैठक के दौरान चरणजीत चन्नी ने नेताओं से हाथ उठवाकर इस मांग पर सहमति भी ली, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि उनके समर्थक इस मुद्दे पर एकजुट हैं।

बताया जा रहा है कि करीब 80 मिनट तक चली इस बैठक में कम से कम 12 विधायक समेत 80 से अधिक नेता मौजूद थे। इन नेताओं ने पार्टी प्रभारी के सामने कहा कि वे पंजाब कांग्रेस की कमान राजा वडिंग के हाथों में बनाए रखने के पक्ष में नहीं हैं।

कांग्रेस हाईकमान ने दोबारा जताया भरोसा

कांग्रेस ने 1 जुलाई को अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को दोबारा पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त करने की घोषणा की थी। वहीं जालंधर से सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव प्रचार अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया गया था।

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी नहीं मिलने से चन्नी नाराज हैं। इसी कारण उन्होंने अब तक पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल से मुलाकात भी नहीं की थी। बघेल के पंजाब दौरे के दौरान उन्होंने कई वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों से बातचीत की, लेकिन चन्नी के कई करीबी नेता इन बैठकों से दूर रहे।

हाईकमान के फैसले पर टिकी नजरें

पंजाब कांग्रेस में बढ़ते मतभेदों के बीच अब सबकी निगाहें कांग्रेस केंद्रीय नेतृत्व पर टिकी हैं। भूपेश बघेल अपनी रिपोर्ट जल्द ही हाईकमान को सौंपेंगे, जिसके बाद प्रदेश संगठन को लेकर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। हालांकि फिलहाल चन्नी गुट अपने रुख पर कायम है और राजा वडिंग को हटाने की मांग को लेकर राजनीतिक दबाव बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रहा है।

About The Author

Related Posts