12 जुलाई का इतिहास: आज ही के दिन जन्मी थीं नोबेल विजेता मलाला यूसुफजई, क्रिकेट अंपायर डेविड शेफर्ड ने लिया था संन्यास

12 जुलाई का इतिहास: आज ही के दिन जन्मी थीं नोबेल विजेता मलाला यूसुफजई, क्रिकेट अंपायर डेविड शेफर्ड ने लिया था संन्यास

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History of July 12: आज ही के दिन जन्मी थीं नोबेल विजेता मलाला यूसुफजई, क्रिकेट अंपायर डेविड शेफर्ड ने लिया था संन्यास

इतिहास के पन्नों में 12 जुलाई कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया को सबसे कम उम्र की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई मिलीं, जिन्होंने लड़कियों की शिक्षा के अधिकार के लिए पूरी दुनिया में एक मजबूत आवाज बुलंद की। वहीं, इसी दिन इंग्लैंड के मशहूर क्रिकेट अंपायर डेविड शेफर्ड ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेकर अपने शानदार करियर का समापन किया।

17 साल की उम्र में नोबेल जीतकर इतिहास रचने वाली मलाला

महिला शिक्षा अधिकारों की वैश्विक प्रतीक मलाला यूसुफजई का जन्म 12 जुलाई 1997 को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की स्वात घाटी के मिंगोरा शहर में हुआ था। उन्होंने बेहद कम उम्र में तालिबान द्वारा लड़कियों की शिक्षा पर लगाए गए प्रतिबंधों का खुलकर विरोध किया।

वर्ष 2009 में मलाला ने बीबीसी उर्दू के लिए एक छद्म नाम से ब्लॉग लिखना शुरू किया, जिसमें उन्होंने स्वात घाटी की वास्तविक परिस्थितियों और लड़कियों की शिक्षा पर हो रहे अत्याचारों को दुनिया के सामने रखा। वर्ष 2012 में तालिबान ने उन पर जानलेवा हमला किया, लेकिन वह बच गईं और इसके बाद शिक्षा के अधिकार की वैश्विक आवाज बनकर उभरीं।

साल 2014 में मात्र 17 वर्ष की उम्र में उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वह यह सम्मान पाने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की नोबेल विजेता बनीं।

डेविड शेफर्ड ने कहा था अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा

12 जुलाई 2005 को इंग्लैंड के प्रसिद्ध क्रिकेट अंपायर डेविड शेफर्ड ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया। अपनी निष्पक्ष अंपायरिंग, शांत स्वभाव और खिलाड़ियों के बीच सम्मानजनक छवि के कारण वे दुनिया के सबसे लोकप्रिय अंपायरों में गिने जाते थे।

डेविड शेफर्ड ने अपने शानदार करियर में 90 से अधिक टेस्ट मैचों और 170 से ज्यादा एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय (वनडे) मुकाबलों में अंपायरिंग की। उनकी गिनती क्रिकेट इतिहास के सबसे अनुभवी और सम्मानित अंपायरों में की जाती है। आज भी क्रिकेट प्रेमी उन्हें उनकी बेहतरीन अंपायरिंग और मैदान पर उनके अनोखे अंदाज के लिए याद करते हैं।

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