Haryana: हरियाणा में प्लॉट की अदला-बदली पर सख्ती, अब हर ट्रांसफर के लिए लेनी होगी DTCP की मंजूरी
Haryana: हरियाणा में प्लॉट की अदला-बदली पर सख्ती, अब हर ट्रांसफर के लिए लेनी होगी DTCP की मंजूरी
Haryana: प्रतापनगर, राजेन्द्र कुमार। हरियाणा सरकार ने शहरों और उनसे सटे अधिसूचित क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब प्लॉट या जमीन की अदला-बदली (एक्सचेंज) के नाम पर होने वाले फर्जी लेन-देन पर सख्त निगरानी रहेगी। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि एक एकड़ से कम जमीन के अंतरण या अदला-बदली के लिए भी नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशक (DTCP) या सक्षम प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा।
इस संबंध में विधि एवं विधायी विभाग की प्रशासनिक सचिव रितु गर्ग ने हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन (संशोधन) अधिनियम की अधिसूचना जारी कर दी है। संशोधित नियमों को 30 जनवरी से प्रभावी माना जाएगा।
अवैध कॉलोनियों पर लगेगी रोक | Haryana
सरकार का मानना है कि शहरों के आसपास बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आ रहे थे, जहां छोटे प्लॉट की अदला-बदली दिखाकर अधिक कीमत वाली जमीन हासिल की जा रही थी। कागजों में इसे एक्सचेंज बताया जाता था, लेकिन वास्तव में यह अप्रत्यक्ष रूप से जमीन की खरीद-फरोख्त का मामला होता था।
इसी तरह के फर्जीवाड़े और अवैध कॉलोनियों के विस्तार को रोकने के लिए सरकार ने हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन अधिनियम, 1975 की धारा 7-ए में संशोधन किया है।
अब क्या बदलेगा?
संशोधित नियमों के अनुसार अब अधिसूचित शहरी क्षेत्रों में एक एकड़ से कम भूमि का विक्रय, पट्टा, उपहार या अदला-बदली (एक्सचेंज) करने से पहले नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशक (DTCP) या अधिकृत प्राधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना स्वीकृति के ऐसे लेन-देन कानूनी रूप से मान्य नहीं होंगे।
क्यों लिया गया फैसला?
सरकार के अनुसार, रजिस्ट्रियों के दौरान यह सामने आया कि कुछ लोग कम कीमत वाले छोटे प्लॉट की अदला-बदली दिखाकर महंगी और अधिक मूल्य वाली जमीन अपने नाम करा रहे थे। इससे न केवल राजस्व का नुकसान हो रहा था, बल्कि अवैध कॉलोनियों के निर्माण को भी बढ़ावा मिल रहा था। नए नियम लागू होने के बाद ऐसे मामलों पर रोक लगेगी और शहरी क्षेत्रों में जमीन से जुड़े लेन-देन अधिक पारदर्शी और नियंत्रित हो सकेंगे।