पहाड़ों में हुई बरसात तो शाहाबाद के कई गांवों में घुस गया मारकंडा नदी का पानी 

दो दिन की बरसात में हुआ जलभराव तो डीसी पहुंचे नाले जांचने 

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कुरुक्षेत्र (सच कहूँ/देवीलाल बारना)। Kurukshetra News: पहाड़ों में हुई बरसात का असर मैदानी एरिया में दिखने लगा है। मारकंडा नदी में पानी आने से शाहाबाद के चार गांवों में शनिवार को पानी घुस गया। कई गांवों में तो आवाजाही के रास्ते ही बंद हो गए। शाहाबाद में मारकंडा में सुबह 6 बजे 14 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी आने के बाद कठवा, कलसाना, तंगोर और मोहनपुर में नदी का पानी घुस गया। गांव कठवा को शहर और दूसरे गांवों से जोड़ने वाली मुख्य सड़क पानी में डूब गई। सुबह काम पर जाने वाले लोगों को काफी मुश्किल हुई। बच्चे बस के जरिए स्कूल पहुंचे।

पानी का बहाव तेज होने से दूसरे गांव तंगोर का कुछ एरिया भी चपेट में आ गया। बाद में मारकंडा में पानी का लेवल कम होने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। गांव कलसाना में तटबंध से पानी पाइप के जरिए बैक मार गया, जिससे कलसाना गांव के निचले हिस्से डूब गए। यहां कई घरों में पानी घुस गया। यहां एक घर में पानी के साथ बहकर आए सांप ने गाय को काट लिया। इससे गाय की मौत हो गई। इसके बाद गांव की सरपंच दलजीत कौर ने जेसीबी की मदद से तटबंध की मिट्टी हटवाई। इससे पानी को रास्ता मिल गया और पानी मोहनपुर गांव की तरफ आ गया। ग्रामीणों के मुताबिक, जैसे ही मारकंडा में पानी का स्तर 14 हजार क्यूसेक के ऊपर पहुंचता है, सबसे पहले कठवा गांव प्रभावित होता है। 

कुरुक्षेत्र शहर दो दिन की बारिश से हुआ पानी पानी 

दो दिन की बरसात में शहर में नालों की सफाई व्यवस्था की पोल पट्टी खुलकर जनता के सामने आ गई है। विपक्ष लगातार नालों की सफाई न होने का मुद्दे को भुना रहा है। ऐसे में डीसी विश्राम कुमार मीणा ने शनिवार को स्वयं नालों की सफाई व्यवस्था को परखने पहुंचे। इस दौरान उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि जलभराव व अन्य आपदा के समय प्रशासन की प्राथमिकता जन सुरक्षा की रहती है। जैसे ही शुक्रवार को ज्यादा बरसात हुई तो प्रशासन की सभी टीमों ने अलर्ट मोड पर रहते हुए काम किया।

उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों- कर्मचारियों का सहयोग करें। डीसी ने स्पष्ट कहा कि कई गांवों में नागरिकों ने काम में बाधा डालने का प्रयास करना चाहा। ऐसा करने वालों पर आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। मीणा ने शनिवार को रेलवे रोड पर जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए किए गए कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान डीएमसी अमन कुमार भी मौजूद रहे। उन्होंने अधिकारियों को कुछ आवश्यक निर्देश भी दिए। इस दौरान कुछ दुकानदारों द्वारा नालो में प्लास्टिक व अन्य सामान फेंकने पर समझाया भी गया। इसके साथ चेतावनी दी कि दोबारा से ऐसा करते मिलने पर चालान किया जाएगा।

कलसाना गांव में घुसे पानी पर बोले डीसी 

उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि कलसाना में पानी आने की सूचना मिली थी। जब प्रशासन की टीम ने मौके पर जाकर देखा तो पाया कि तालाब से पानी निकासी वाले पाइप के माध्यम से नदी का पानी बैक आ रहा है।  टीम ने पाइप से बैक आ रहे पानी को रोक दिया है। अब स्थिति सामान्य बनी हुई है। मीणा ने कहा कि जिला के अंतर्गत आने वाले सभी बरसाती नदी नालों की निगरानी का कार्य एचसीएस और आईएएस अधिकारी कर रहे हैं। वो अमृत नाला की निगरानी का कार्य कर रहे हैं। 

Kurukshetra News
Kurukshetra News: गांव कठवा की सड़क से निकलती स्कूली बस व  नालों की सफाई व्यवस्था को परखते उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा। 

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