Moon black sky: दिन में भी चांद का आसमान क्यों दिखता है काला? जानिए इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण

दिन में भी चांद का आसमान क्यों दिखता है काला? जानिए इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण

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Moon black sky: पृथ्वी पर दिन के समय आसमान चमकीला नीला दिखाई देता है, लेकिन चांद पर नज़ारा बिल्कुल अलग होता है। हैरानी की बात यह है कि जब सूरज चांद के ठीक ऊपर चमक रहा होता है, तब भी वहां का आसमान पूरी तरह काला दिखाई देता है। इसकी वजह सूरज की रोशनी की कमी नहीं, बल्कि चांद पर एक बेहद महत्वपूर्ण चीज़ का न होना है।

दरअसल, चांद पर पृथ्वी की तरह घना वायुमंडल (Atmosphere) मौजूद नहीं है। पृथ्वी पर वायुमंडल में मौजूद गैसों और धूल के सूक्ष्म कणों से टकराकर सूर्य का प्रकाश सभी दिशाओं में बिखर जाता है। इस प्रक्रिया को रेले प्रकीर्णन (Rayleigh Scattering) कहा जाता है। नीली रोशनी की तरंगदैर्ध्य कम होने के कारण वह सबसे अधिक बिखरती है, इसलिए हमें दिन में आसमान नीला दिखाई देता है।

इसके विपरीत, चांद पर लगभग कोई वायुमंडल नहीं है। वहां सूर्य का प्रकाश बिखरने के लिए न तो पर्याप्त गैसें हैं और न ही हवा। इसलिए प्रकाश सीधे सतह पर पड़ता है, लेकिन आसमान में फैल नहीं पाता। परिणामस्वरूप, चांद पर दिन के समय भी आसमान गहरे काले रंग का दिखाई देता है।

यही कारण है कि चांद पर खड़े अंतरिक्ष यात्रियों को दिन में भी आसमान में तारे दिखाई दे सकते हैं, यदि सूरज की तेज चमक और सतह से परावर्तित रोशनी उनकी दृष्टि में बाधा न बने।

इस तरह, चांद का काला आसमान हमें यह बताता है कि वायुमंडल केवल सांस लेने के लिए ही नहीं, बल्कि हमारे आसमान के रंग को तय करने में भी बेहद अहम भूमिका निभाता है।

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