विशेषज्ञों की राय भी वही, जो पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां वर्षों से बताते आ रहे हैं....

विशेषज्ञों की राय भी वही, जो पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां वर्षों से बताते आ रहे हैं....

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Msg Health Tips: सरसा। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अधिकांश लोग जल्दबाजी में खाना खाते हैं और पानी भी एक ही सांस में पी जाते हैं। यही छोटी-छोटी आदतें आगे चलकर पाचन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकती हैं। स्वस्थ और संतुलित जीवन के लिए खानपान का सही तरीका अपनाना बेहद जरूरी है।  पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि भोजन को जितना अधिक हो सके, उतना अच्छी तरह चबाकर खाना चाहिए। भोजन को धीरे-धीरे और आराम से चबाने से वह लार के साथ अच्छी तरह मिल जाता है, जिससे पाचन प्रक्रिया आसान हो जाती है। इससे शरीर भोजन में मौजूद पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाता है और पेट से जुड़ी कई समस्याओं से बचाव होता है।

 पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि केवल भोजन ही नहीं, बल्कि पानी और अन्य तरल पदार्थ भी जल्दबाजी में नहीं पीने चाहिए। इन्हें धीरे-धीरे और आराम से इस प्रकार पीना चाहिए, मानो उन्हें चबाकर खाया जा रहा हो। ऐसा करने से शरीर पानी को बेहतर ढंग से ग्रहण करता है और पाचन तंत्र पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता।

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Msg Health Tips: विशेषज्ञों की राय भी वही, जो पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां वर्षों से बताते आ रहे हैं....

 

भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाएं, पानी भी धीरे-धीरे पिएं, पाचन रहेगा बेहतर: डॉ. गौरव इन्सां

शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल, सरसा के डॉ. गौरव इन्सां (एलोपैथी) का कहना है कि आजकल लोग तेजी से खाना खाते हैं और जल्दबाजी में पानी पी लेते हैं, जिससे पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। भोजन को अच्छी तरह चबाने से वह लार के साथ मिलकर आसानी से पचता है और शरीर पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाता है। उन्होंने बताया कि भोजन को धीरे-धीरे चबाने से गैस, अपच, एसिडिटी और पेट फूलने जैसी समस्याओं का खतरा कम हो सकता है। वहीं पानी भी एकदम से गटकने की बजाय धीरे-धीरे पीना चाहिए, जिससे शरीर उसे बेहतर ढंग से उपयोग कर पाता है और पाचन क्रिया भी सुचारु रहती है। डॉ. गौरव इन्सां ने कहा कि पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां वर्षों से भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाने और पानी को आराम से पीने का संदेश देते आ रहे हैं। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और आर्युवेद भी इन आदतों को बेहतर पाचन और अच्छे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी मानता है।

अच्छी तरह चबाकर भोजन करना ही स्वस्थ पाचन की पहली सीढ़ी: डॉ. अजय गोपलानी | Msg Health Tips

शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल, सरसा के डॉ. अजय गोपलानी (आयुर्वेद) के अनुसार आयुर्वेद में भोजन को औषधि के समान माना गया है। यदि भोजन को अच्छी तरह चबाकर और शांत मन से किया जाए तो पाचन अग्नि मजबूत रहती है तथा शरीर को पूरा पोषण मिलता है। उन्होंने बताया कि भोजन को धीरे-धीरे चबाने से लार भोजन के साथ अच्छी तरह मिलती है, जिससे पाचन आसान हो जाता है। इसी प्रकार पानी भी धीरे-धीरे और आवश्यकता के अनुसार पीना चाहिए। जल्दबाजी में भोजन और पानी ग्रहण करने से पाचन संबंधी कई परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं। डॉ. गोपलानी ने कहा कि पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा वर्षों से दिया जा रहा संदेश—भोजन को खूब चबाकर खाना और पानी को धीरे-धीरे पीना—आयुर्वेद के मूल सिद्धांतों के अनुरूप है। इन सरल आदतों को अपनाकर व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ रह सकता है।

भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाने से पाचन तंत्र पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता: डॉ. रवि

MSG Naturopathy के चीफ मेडीकल आॅफिसर डॉ. रवि का कहना है कि प्राकृतिक चिकित्सा में भोजन करने का तरीका उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना कि भोजन का चयन। भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाने से पाचन तंत्र पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता और शरीर प्राकृतिक रूप से उसे पचाने में सक्षम होता है। उन्होंने बताया कि हमारे मुँह की लार (सलाइवा) ही पाचन प्रक्रिया की शुरूआत करती है, इसलिए हर निवाले को अच्छी तरह चबाना चाहिए। इसके अलावा, पानी और अन्य तरल पदार्थों को भी धीरे-धीरे (घूंट-घूंट करके) पीना चाहिए, ताकि शरीर उन्हें बेहतर तरीके से अवशोषित कर सके और पाचन क्रिया संतुलित बनी रहे। डॉ. रवि ने आगे कहा कि पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां हमेशा लोगों को रात का भोजन सूर्यास्त से पहले करने की प्रेरणा देते हैं। साथ ही, वे 'इंटरमिटेंट फास्टिंग' (Intermittent Fasting)  पर भी विशेष जोर देते हैं, जिसके तहत यदि रात का भोजन सूर्यास्त से पहले कर लिया जाए, तो अगली सुबह के नाश्ते तक शरीर को प्राकृतिक रूप से 14 से 16 घंटे का उपवास मिल जाता है। यह प्रक्रिया स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है।

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