हरियाणा सरकार ईडब्ल्यूएस छात्रों को देगी 2,000 रुपये मासिक स्टाइपेंड
आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की पहल
चंडीगढ़, 29 जून (सच कहूँ न्यूज)। Haryana News: हरियाणा सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के विद्यार्थियों को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में तकनीकी शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने जा रही है। सरकार ने ऐसे विद्यार्थियों को प्रशिक्षण अवधि के दौरान दो हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड देने की पहल की है। इसका उद्देश्य आर्थिक तंगी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और वे बिना किसी वित्तीय बाधा के अपना प्रशिक्षण पूरा कर सकें।
कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के अनुसार वर्ष 2026-27 के प्रवेश सत्र में प्रदेश के 377 आईटीआई में दाखिले की प्रक्रिया जारी है। इनमें 197 सरकारी और 180 निजी संस्थान शामिल हैं। करीब एक लाख सीटों पर प्रवेश दिए जाएंगे। विद्यार्थियों को 89 से अधिक इंजीनियरिंग एवं गैर-इंजीनियरिंग ट्रेडों में प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। इनमें पारंपरिक व्यवसायों के साथ आधुनिक तकनीकी पाठ्यक्रम भी शामिल किए गए हैं। विभाग का मानना है कि तकनीकी शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि औद्योगिक विकास की मजबूत आधारशिला है।
हेल्प डेस्क से मिलेगी हर चरण में सहायता
प्रवेश प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए सभी आईटीआई में हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। यहां आवेदन, दस्तावेज सत्यापन, ट्रेड चयन और सीट आवंटन से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं में विद्यार्थियों की सहायता की जा रही है। विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक पात्र युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जोड़ना है। आईटीआई में प्रवेश के लिए आठवीं, दसवीं और बारहवीं उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। विभिन्न ट्रेडों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता अलग-अलग निर्धारित की गई है।
उद्योगों में मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
सरकार ड्यूल सिस्टम आॅफ ट्रेनिंग (डीएसटी) को विशेष रूप से बढ़ावा दे रही है। इस व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को कक्षा में पढ़ाई के साथ-साथ उद्योगों में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इससे उन्हें मशीनों पर कार्य करने, उत्पादन प्रक्रिया, सुरक्षा मानकों और औद्योगिक कार्यप्रणाली की वास्तविक जानकारी मिलती है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद युवाओं को रोजगार पाने में भी आसानी होती है।
