Hair Loss in Men: कम उम्र में क्यों हो रहे हैं पुरुष गंजे? जानिए इसके 5 बड़े कारण और कब कराना चाहिए इलाज

Hair Loss in Men: कम उम्र में क्यों हो रहे हैं पुरुष गंजे? जानिए इसके 5 बड़े कारण और कब कराना चाहिए इलाज

Published On

Hair Loss in Men: आज के समय में पुरुषों में गंजापन (Male Pattern Baldness) एक आम समस्या बनता जा रहा है। पहले जहां यह परेशानी बढ़ती उम्र के साथ देखने को मिलती थी, वहीं अब 20 से 30 साल की उम्र के युवाओं में भी तेजी से बाल झड़ने और गंजेपन के मामले बढ़ रहे हैं। कई लोग इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन समय रहते सही इलाज न मिलने पर यह समस्या स्थायी भी हो सकती है।

मुंबई के एस्थेटिक मेडिसिन फेलो, स्किन स्पेशलिस्ट, ट्राइकोलॉजिस्ट और हेयर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. योगेश कल्याणपद के अनुसार, पुरुषों में होने वाले गंजेपन को मेडिकल भाषा में एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया (Androgenetic Alopecia) कहा जाता है। यह पुरुषों में बाल झड़ने का सबसे सामान्य कारण है।

क्या है मेल पैटर्न बाल्डनेस? Hair Loss in Men

डॉ. योगेश बताते हैं कि मेल पैटर्न बाल्डनेस में धीरे-धीरे बाल पतले होने लगते हैं और समय के साथ झड़ते चले जाते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण आनुवांशिकता और डायहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन (DHT) नामक हार्मोन का प्रभाव माना जाता है। DHT बालों की जड़ों (Hair Follicles) को कमजोर कर देता है, जिससे नए बाल उगना कम हो जाते हैं।

पुरुषों में गंजेपन के 5 प्रमुख कारण

1. आनुवांशिकता (Genetics)

यदि परिवार में पिता, दादा या अन्य पुरुष सदस्यों को गंजेपन की समस्या रही है, तो इसकी संभावना अगली पीढ़ी में भी बढ़ जाती है। यह मेल पैटर्न बाल्डनेस का सबसे बड़ा कारण माना जाता है।

2. हार्मोनल बदलाव

शरीर में टेस्टोस्टेरोन और DHT हार्मोन के स्तर में बदलाव बालों की जड़ों पर असर डालते हैं। यही कारण है कि कई पुरुषों में उम्र बढ़ने के साथ बाल तेजी से झड़ने लगते हैं।

3. तनाव और खराब जीवनशैली

लगातार तनाव, नींद की कमी और मानसिक दबाव भी बालों के झड़ने का कारण बन सकते हैं। अत्यधिक तनाव की स्थिति में टेलोजन एफ्लुवियम (Telogen Effluvium) नामक समस्या हो सकती है, जिसमें अचानक बड़ी संख्या में बाल झड़ने लगते हैं।

4. पोषण की कमी

शरीर में आयरन, जिंक, विटामिन D, विटामिन B12 और अन्य जरूरी पोषक तत्वों की कमी बालों को कमजोर बना सकती है। संतुलित आहार की कमी का सीधा असर बालों की सेहत पर पड़ता है।

5. बीमारियां और दवाइयों का असर

थायरॉयड, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, डिप्रेशन जैसी बीमारियां और कुछ दवाइयां, जैसे कीमोथेरेपी या कुछ एंटीडिप्रेसेंट्स भी बाल झड़ने की वजह बन सकती हैं।

घरेलू नुस्खों से नहीं, सही इलाज से मिलेगा फायदा

डॉ. योगेश कल्याणपद के अनुसार, मेल पैटर्न बाल्डनेस में केवल घरेलू नुस्खों या तेल लगाने से स्थायी लाभ नहीं मिलता। यदि शुरुआती अवस्था में बाल पतले होने लगें, तो डॉक्टर की सलाह से DHT को नियंत्रित करने वाली दवाइयों से इलाज शुरू किया जा सकता है। इससे बालों के झड़ने की गति को काफी हद तक रोका जा सकता है।

यदि दवाइयों से पर्याप्त लाभ नहीं मिलता और गंजापन बढ़ जाता है, तो हेयर ट्रांसप्लांट एक प्रभावी विकल्प हो सकता है।

कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

यदि आपके बाल सामान्य से अधिक झड़ रहे हैं, हेयरलाइन पीछे खिसक रही है या सिर के बीच का हिस्सा तेजी से खाली होने लगा है, तो बिना देर किए त्वचा रोग विशेषज्ञ (Dermatologist) या ट्राइकोलॉजिस्ट से सलाह लें। समय पर शुरू किया गया इलाज बालों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है।

नोट: यह लेख विशेषज्ञ की राय पर आधारित है। किसी भी दवा या उपचार को शुरू करने से पहले योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

About The Author

Related Posts