Scout-Guide Camp: स्काउट-गाइड शिविर में सिखाए जीवन कौशल, नैतिकता और राष्ट्रसेवा के गुर

दो दिवसीय रात्रिकालीन शिविर का समापन, वक्ता बोले-बचपन से नैतिक गुणों का विकास होने पर भटकाव से बचेंगे बच्चे

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Scout-Guide Camp: हनुमानगढ़। राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड स्थानीय संघ हनुमानगढ़ टाउन के तत्वावधान में प्रेमनगर स्थित नगर परिषद प्राथमिक विद्यालय में आयोजित दो दिवसीय रात्रिकालीन स्काउट-गाइड शिविर का समापन मंगलवार को हुआ। इस मौके पर हिमालय वुड बैज प्राप्त उषा बब्बर ने ध्वजारोहण किया। कार्यक्रम में ट्रेनिंग काउंसलर भूपेन्द्र कौशिक एवं स्काउट मास्टर हरप्रीत सिंह भी मौजूद रहे। शिविर में विभिन्न विद्यालयों के स्काउट-गाइड ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

दक्ष प्रशिक्षकों ने बच्चों को पायनियरिंग, भोजन बनाना, कम्पास एवं मानचित्र का उपयोग, प्राथमिक सहायता, रस्सियों की विभिन्न गांठें बांधना और अनुमान लगाने जैसी गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया। इसके माध्यम से बच्चों को दैनिक जीवन में काम आने वाले व्यावहारिक कौशल सिखाने के साथ राष्ट्रभक्ति, नैतिक शिक्षा और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही दैनिक जीवन में होने वाली दुर्घटनाओं के समय उनका सामना करने और प्राथमिक स्तर पर मदद करने के तरीके भी बताए गए। इस मौके पर उषा बब्बर ने कहा कि वर्तमान समय में समाज में नैतिक मूल्यों का ह्रास हो रहा है। युवा और बच्चे गलत संगत के कारण भटकाव की ओर बढ़ रहे हैं। छोटी उम्र में ही बच्चे गंभीर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। इन समस्याओं से बचने के लिए जरूरी है कि बचपन से ही बच्चों में नैतिक गुणों और अच्छे संस्कारों का विकास किया जाए।

उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे प्रभावी माध्यम शिक्षा है। स्काउट-गाइड संगठन शिक्षा का सहयोगी और वर्दीधारी अंतरराष्ट्रीय संगठन है। इससे जुड़ने पर बच्चे में परिवार, समाज, देश और राष्ट्रहित के प्रति जिम्मेदारी एवं सेवा भावना विकसित होती है। बचपन से नैतिक मूल्यों का विकास होने पर बच्चे गलत रास्ते पर जाने से बचते हैं और देश के विकास में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि तीन वर्ष की आयु से बच्चों को स्काउट-गाइड संगठन से जोड़ा जा सकता है और 25 वर्ष की आयु तक वे इससे जुड़े रह सकते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अधिकाधिक बच्चों को स्काउट-गाइड संगठन से जोड़ें, ताकि उनमें अनुशासन, सेवा, सहयोग और राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित हो सके।

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