शिक्षा और रोजगार
सोलानी नदी की सफाई न होने से खेतों में भरा पानी, फसलें बर्बाद
किसानों ने प्रदर्शन कर दी चुनाव बहिष्कार की चेतावनी
मोरना :--- सोलानी नदी की अधूरी सफाई किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। हाल में हुई बारिश के बाद नदी का पानी आसपास के खेतों में फैलने से गन्ना, धान और चारे की फसलें बर्बाद हो गई हैं। खेतों में जलभराव के कारण किसान सरसों और गेहूं की बुआई भी नहीं कर पा रहे हैं। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज मजलिसपुर तौफीर गांव के किसानों ने बुधवार को शासन-प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रोष जताया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
भोपा थाना क्षेत्र के गांव मजलिसपुर तौफीर के किसानों ने बताया कि क्षेत्र से होकर गुजरने वाली सोलानी नदी की सिल्ट सफाई के नाम पर खानापूर्ति की गई है। नदी की पूरी तरह सफाई नहीं होने के कारण हाल में हुई बारिश का पानी भी निकासी नहीं हो सका और नदी का पानी खेतों में फैल गया।
किसानों के अनुसार हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। खेतों में पानी भरने से गन्ना, धान और पशुओं के चारे की फसलें नष्ट हो गई हैं। अब खेतों में नदी का पानी भरा होने के कारण सरसों और गेहूं की बुआई भी नही हो पाएगी है।
किसानों का कहना है कि यदि सोलानी नदी की सिल्ट की पूरी तरह सफाई कराई जाए और नदी के किनारों पर मजबूत बांध बनाया जाए तो जलभराव की समस्या से काफी हद तक निजात मिल सकती है। इससे पानी की निकासी सुचारु होगी और किसान समय पर अपनी फसलों की बुआई कर सकेंगे। किसानों ने आरोप लगाया कि वे इस गंभीर समस्या से प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत करा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। किसानों ने कहा कि फसलें बर्बाद होने से उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है। एक ओर पहले से बोई गई फसलें पानी में डूबकर नष्ट हो गई हैं, वहीं दूसरी ओर अगली फसल की बुआई भी नहीं हो पा रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी समस्या के समाधान की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। किसानों ने शासन-प्रशासन से सोलानी नदी की तत्काल सफाई कराने, किनारों पर बांध बनवाने और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार करने को मजबूर होंगे। प्रदर्शन करने वालों में मदन प्रधान, सतपाल, राजेश, परशुराम, दीपक, अनुज, नवीन, सेवा सिंह, मनजीत सिंह, राकेश, नीटू, विकास, बबलू, सुबोध कुमार, बुध सिंह, हरिराम, सतीश कुमार, खड़क सिंह, आत्माराम, सुशील, नेमचंद, बिजेंद्र, अमर, नीरज, राजपाल आदि शामिल रहे।