‘देशहित में नही है भारत-अमेरिका व्यापार समझौता’

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भारतीय किसान संगठन ने समझौते के विरोध में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन-पत्र तहसील मुख्यालय पर राजस्व निरीक्षक को सौंपा

कैराना (सच कहूँ न्यूज़)। Kairana News: भारतीय किसान संगठन के पदाधिकारियों ने देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित ज्ञापन-पत्र राजस्व निरीक्षक को सौंपा है, जिसमें हाल ही में अमेरिका व भारत के मध्य हुए व्यापार समझौते को राष्ट्रहित में न होने की बात कहते हुए विरोध जताया है।

गुरुवार को भारतीय किसान संगठन के पदाधिकारी जिलाध्यक्ष डॉ. सतपाल सिंह कश्यप के नेतृत्व में तहसील मुख्यालय पर पहुंचे। जहां पर उन्होंने देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित एक ज्ञापन-पत्र रजिस्ट्रार-कानूनगों कार्यालय में तैनात राजस्व निरीक्षक अरुण कुमार को सौंपा। बताया कि विगत दिनों अमेरिका व भारत के मध्य एक व्यापार समझौता हुआ है, जिसके अनुसार अमेरिकी कृषि उत्पाद भारत में बिना किसी रोक-टोक के आ सकते है। इन उत्पादों पर किसी भी प्रकार का आयात शुल्क देय नही है। पत्र में बताया कि 15 अगस्त 2025 को देश के प्रधानमंत्री ने लालकिले की प्राचीर से किसानों के हितों की रक्षा के लिए व्यक्तिगत रूप से कोई भी कीमत चुकाने की बात कही थी, परन्तु अब अमेरिका के सामने झुकने वाली कौन-सी मजबूरी आ गई? पत्र में बताया कि देश में 65 फीसदी आबादी कृषि व सहायक क्षेत्रों पर निर्भर है। Kairana News

किसान हमेशा देश के साथ खड़ा रहा है। अमेरिका के साथ में हुआ समझौता देशहित में नही है। अमेरिका अपनी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रक्षा कर रहा है, जबकि भारत सरकार ने अपनी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को तोड़ने के लिए अमेरिका के सामने आत्मसमर्पण करने का काम किया है। उक्त समझौते के अनुसार भारत को प्रतिवर्ष 103 अरब डॉलर की कीमत का भारी-भरकम अमेरिकी सामान खरीदना पड़ेगा। पत्र में राष्ट्रपति से जनहित के मद्देनजर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर रोक लगाने की मांग की गई है। ज्ञापन-पत्र पर जिलाध्यक्ष के अलावा प्रदेश महामंत्री चौधरी मदनलाल प्रधान व प्रदेशाध्यक्ष चौधरी प्रदीप सिंह के भी हस्ताक्षर अंकित है।

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