Donald Trump Science Plan: अमेरिकी साइंस मिशन में NVIDIA, OpenAI और Google का सहयोग, जानिए अमेरिका की नई वैज्ञानिक योजना में क्या है खास?

AI समेत कई क्षेत्रों के लिए 6 अरब डॉलर से ज्यादा की पहल

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US Science and Technology Investment: वॉशिंगटन (सच कहूँ/एजेंसी)। अमेरिका ने वैज्ञानिक अनुसंधान और अत्याधुनिक तकनीक के विकास को गति देने के लिए 6 अरब डॉलर से अधिक की नई पहलों की घोषणा की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की इन योजनाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, अंतरिक्ष में परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल और बायोमेडिकल रिसर्च को प्राथमिकता दी गई है। व्हाइट हाउस के मुताबिक, इस कार्यक्रम में सरकारी एजेंसियों के साथ तकनीकी कंपनियां, विश्वविद्यालय और परोपकारी संस्थाएं भी भाग लेंगी। ‘Science: A New Golden Age’ शिखर सम्मेलन में घोषित योजनाओं का उद्देश्य वैज्ञानिक खोजों की प्रक्रिया को तेज करना और उभरती तकनीकों में अमेरिका की स्थिति मजबूत करना है।

Genesis Mission के लिए कंपनियों का 2.4 अरब डॉलर का सहयोग

इस पहल का एक प्रमुख हिस्सा ‘Genesis Mission’ है। व्हाइट हाउस की फैक्ट शीट के अनुसार, 11 औद्योगिक भागीदारों ने इस मिशन के लिए करीब 2.4 अरब डॉलर के कंप्यूटिंग संसाधन और तकनीकी सहायता देने की प्रतिबद्धता जताई है। इसका उद्देश्य उन्नत AI और बड़े कंप्यूटिंग सिस्टम की मदद से ऊर्जा, स्वास्थ्य, अंतरिक्ष और अन्य क्षेत्रों में वैज्ञानिक अनुसंधान को आगे बढ़ाना है।

घोषित प्रतिबद्धताओं में NVIDIA की ओर से 1 अरब डॉलर, AMD की ओर से 500 मिलियन डॉलर और OpenAI की ओर से 200 मिलियन डॉलर शामिल हैं। Google और Anthropic ने भी 150-150 मिलियन डॉलर के सहयोग का ऐलान किया है। अन्य भागीदारों में Amazon Web Services, Micron और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं। ये प्रतिबद्धताएं मुख्य रूप से कंप्यूटिंग क्षमता और तकनीकी संसाधनों के रूप में हैं, न कि पूरी राशि सीधे नकद अनुदान के रूप में। इस मिशन के तहत 15 से अधिक संघीय एजेंसियों के वैज्ञानिकों को उन्नत तकनीकी सुविधाओं का लाभ देने की योजना है।

विश्वविद्यालयों और वैज्ञानिक प्रशिक्षण के लिए निवेश

प्रशासन ने वैज्ञानिक कंप्यूटिंग सुविधाओं और तकनीकी कौशल विकसित करने के लिए विश्वविद्यालयों, उद्योग जगत और जॉर्जिया राज्य को शामिल करते हुए 1 अरब डॉलर की पहल की भी घोषणा की है। इसके अंतर्गत कई राज्यों के विश्वविद्यालय क्षेत्रीय कंप्यूटिंग नेटवर्क और अनुसंधान केंद्रों के माध्यम से सहयोग करेंगे। इसके अतिरिक्त, नेशनल साइंस फाउंडेशन और ऊर्जा विभाग ने उन्नत वैज्ञानिक उपकरणों तथा स्वचालित प्रयोगशालाओं के विकास के लिए 100 मिलियन डॉलर से अधिक की सहायता संबंधी पहलें घोषित की हैं।

क्वांटम तकनीक के क्षेत्र में अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने 215 मिलियन डॉलर की एक प्रतियोगिता शुरू करने की घोषणा की है। इसका लक्ष्य ऐसे फॉल्ट-टॉलरेंट क्वांटम कंप्यूटर विकसित करने के प्रयासों को बढ़ावा देना है, जो जटिल वैज्ञानिक समस्याओं का समाधान कर सकें। इस तकनीक से भविष्य में कंप्यूटिंग, पदार्थ विज्ञान और अन्य अनुसंधान क्षेत्रों में नई संभावनाएं खुल सकती हैं। हालांकि, व्यावहारिक उपयोग के लिए विश्वसनीय और बड़े स्तर पर काम करने वाले क्वांटम सिस्टम विकसित करना अब भी एक महत्वपूर्ण तकनीकी चुनौती है।

मंगल और चंद्रमा के लिए परमाणु ऊर्जा की योजना

NASA और अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने अंतरिक्ष अभियानों में परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग की घोषणा की है। प्रस्तावित योजनाओं में ‘Space Reactor-1’ शामिल है, जिसे 2028 में मंगल मिशन के लिए भेजने का लक्ष्य बताया गया है। इसके अलावा, चंद्रमा पर ऊर्जा उपलब्ध कराने के लिए ‘Lunar Reactor-1’ नामक परमाणु विखंडन रिएक्टर विकसित करने की योजना भी सामने आई है।

इन परियोजनाओं का उद्देश्य अंतरिक्ष में लंबे समय तक ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। हालांकि, मिशनों की वास्तविक समय-सीमा और कार्यान्वयन तकनीकी प्रगति पर निर्भर करेगा।

जैव चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए National Institutes of Health, ऊर्जा विभाग और Biohub से जुड़ी पहल के तहत 1.8 अरब डॉलर के कार्यक्रम की घोषणा की गई है। इसका लक्ष्य कोशिकाओं और जैविक प्रणालियों के वर्चुअल मॉडल विकसित करना है।

ऐसे मॉडल वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद कर सकते हैं कि बीमारियां किस तरह विकसित होती हैं और जैविक प्रक्रियाएं अलग-अलग परिस्थितियों में कैसे प्रतिक्रिया देती हैं। भविष्य में इस शोध से बीमारी के अध्ययन और संभावित उपचारों के मूल्यांकन में मदद मिलने की उम्मीद है।

AI और विज्ञान की पढ़ाई के लिए नई फेलोशिप

प्रशासन ने Genesis Mission Fellowship के लिए 100 मिलियन डॉलर की पहल भी घोषित की है। इसके अंतर्गत ऐसे डॉक्टोरल शोध कार्यक्रमों को सहायता देने की योजना है, जिनमें AI के साथ विज्ञान या इंजीनियरिंग की विशेषज्ञता विकसित की जाएगी। इसके अलावा, छात्रों, शुरुआती करियर के शोधकर्ताओं और विभिन्न संस्थानों में काम करने वाले वैज्ञानिकों के लिए नए अवसर तैयार करने की घोषणाएं भी की गई हैं। एक नए X-Labs Consortium को बहुविषयक अनुसंधान टीमों के समर्थन के लिए उद्योग और परोपकारी संस्थाओं से 310 मिलियन डॉलर से अधिक सहयोग मिलने की जानकारी दी गई है।

व्हाइट हाउस का कहना है कि ये नई घोषणाएं पहले से चल रहे वैज्ञानिक निवेशों को आगे बढ़ाती हैं। प्रशासन सरकार, उद्योग, विश्वविद्यालयों और परोपकारी संस्थाओं के बीच साझेदारी के जरिए वैज्ञानिक अनुसंधान को अधिक प्रभावी बनाने तथा नई पीढ़ी के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को तैयार करने पर जोर दे रहा है। हालांकि, इन योजनाओं का वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि घोषित संसाधन किस तरह उपलब्ध कराए जाते हैं, शोध परियोजनाएं कितनी सफल होती हैं और उनसे व्यावहारिक परिणाम कब सामने आते हैं।

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