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    प्रशासन अवैध खनन पर सख्ती करने के लिए चाहे कितने दावे करता हो, मगर अवैध खनन को कंट्रोल नहीं हो रहा

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    Khizrabad News: प्रशासन अवैध खनन पर सख्ती करने के लिए चाहे कितने दावे करता हो, मगर अवैध खनन को कंट्रोल नहीं हो रहा

    खिजराबाद (सच कहूँ/राजेन्द्र कुमार)। Khizrabad News: बेलगढ़ व कन्यावाला एरिया में मौजूद क्रशिंग व स्क्रीनिंग प्लाटों का माल लाकड़-भीलपुरा के रास्तों से लाकड़-नत्थनपुर होता हुआ शहर पहुंच रहा है। लाकड़ गांव के चौक के अलावा नत्थनपुर में पुलिस नाका लगाने की बजाय शहजादपुर में नाका लगाया गया है, जबकि नत्थनपुर के बाद अवैध खनिज सामग्री के परिवहन के कई रास्ते निकलते है। लाकड़-भीलपुरा के रास्तों का प्रयोग न केवल अवैध खनिज सामग्री के परिवहन में हो रहा है, बल्कि इस रास्ते से यमुना-नदी में भी अवैध खनन हो रहा है, जिनका माल लाकड़ एरिया में मौजूद स्क्रीनिंग प्लाटों पर आता है। जबकि इस रोड पर कोई चेकिंग नहीं है। Yamunanagar News

    प्रशासन अवैध खनन पर सख्ती करने के लिए चाहे कितने दावे करता हो, मगर जब तक लाकड़-नत्थनपुर एरिया में पुलिस नाकों के अलावा खनन व स्टेट एनफोर्समेट की गश्त नहीं बढ़ती तब तक अवैध खनन को कंट्रोल नहीं किया जा सकता, बीते एक दशक से भी अधिक समय से यह एरिया अवैध खनिज के परिवहन के साथ यमुना नदी में अवैध खनन का मुख्य प्वायंट बना हुआ है। Yamunanagar News

    लाकड़ के मुख्य चौक से एक रास्ता जो खेतों में जाने के लिए बनाया गया है वह तीन से चार किलोमीटर दूर सीधा यमुना नदी में पहुंचता है। यहां से झाड़ियों के बीच से एक रास्ता भीलपुरा के खेतों से होता हुआ, कन्यावाला व बेलगढ खनन जोन में पहुंचता है। केवल लाकड़ ही नहीं बल्कि भीलपुरा गांव में भी खेतों के बीच से दो रास्ते निकलते हैं, यानी तीनों रास्तो का सीधा प्रयोग यमुना नदी में अवैध खनन के लिए होता है। Yamunanagar News

    यमुना नदी के बीच से एक रास्ता कन्यावाला-बेलगढ़ के क्रशिंग व स्क्रीनिंग प्लाटों से खनिज के अवैध परिवहन का सबसे बड़ा जरिया बना हुआ है यह रास्ता 24 घंटे ट्रैक्टर-ट्रालियों व डंपरों द्वारा प्रयोग किया जा रहा है।

    सच कहूं की टीम जब इस रास्ते से यमुना नदी में पहुंची तो यमुना नदी में अवैध खनन के बड़े-बडे गडढे दिखाई दिए। बस इतनी ही देर में कन्यावाला बेलगढ़ क्षेत्र से खनिज सामग्री से लदे ट्रकों व ट्रैक्टर-ट्रालियों काफिला आता दिखा। जो लाकड़-भीलपुरा के रास्तों के माध्यम से शहर के निकल रहे थे। यही नहीं यहां पर कन्यावाला के समीप खेतों में दिन के उजाले में ही जेसीबी व डंपरों की सहायता से अवैध खनन हो रहा था। जिसको रोकने वाला कोई नहीं था।

    आस-पास के ग्रामीण बताते हैं कि सैकड़ों की संख्या में गाड़ियां दिन रात इन रास्तों का उपयोग करती है। दिन के समय प्लाटों से तैयार माल का परिवहन होता है तो वही रात के समय सैकड़ों की संख्या में गाड़ियां लाकड-भीलपुरा के इन रास्तों से यमुना नदी में घु़स कर अवैध खनन करती है। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि इसकी शिकायत बार-बार संबधित विभागों से की जाती है मगर खनन माफिया से मिलीभगत के चलते कोई कार्रवाई नहीं होती है।

    एक ओर बेलगढ़ की पटरी को बचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे है वहीं दूसरी ओर पटरी के समीप ही अवैध खनन हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां देवधर के अलावा भूड़कला में भी पुलिस नाका लगाया गया है, जबकि लाकड़-नत्थनपुर के रास्ते पर कोई पुलिस नाका नहीं है जिसकी वजह से अवैध खनन व अवैध खनिज के परिवहन पर कोई रोक नहीं लग पा रही है। Yamunanagar News

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