Businessman Kairav Gandhi Released: जमशेदपुर। शहर के प्रमुख उद्योगपति देवांग गांधी के 24 वर्षीय पुत्र कैरव गांधी को अपहरण की घटना के लगभग दो सप्ताह बाद सुरक्षित मुक्त करा लिया गया है। मंगलवार तड़के करीब साढ़े चार बजे वे अपने जमशेदपुर स्थित आवास पहुंच गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उन्हें झारखंड के हजारीबाग और बिहार के गया सीमा क्षेत्र के पास से बरामद किया गया। Jamshedpur News
जमशेदपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय ने युवक की सकुशल वापसी की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस की पहली प्राथमिकता पीड़ित की सुरक्षा सुनिश्चित करना था, जिसमें सफलता प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि अपहरण में शामिल व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। मामले की तह तक पहुंचने के लिए हर पहलू की गहन पड़ताल की जा रही है।
सीएच एरिया निवासी कैरव गांधी का 13 जनवरी को दिन के समय उस वक्त अपहरण कर लिया गया था, जब वे अपनी कार से घर से निकले थे। उन्होंने परिजनों को बताया था कि वे पहले बिष्टुपुर स्थित एक बैंक जाएंगे और उसके बाद आदित्यपुर स्थित अपने प्रतिष्ठान पहुंचेंगे। दोपहर तक घर न लौटने और मोबाइल फोन बंद मिलने पर परिवार को चिंता हुई और खोजबीन शुरू की गई।
भारी फिरौती की मांग की गई थी | Jamshedpur News
कुछ समय बाद परिजनों को एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल प्राप्त हुआ, जिसमें अपहरण की जानकारी देते हुए भारी फिरौती की मांग की गई। प्रारंभ में पांच करोड़ रुपये की मांग बताई गई, जो बाद में बढ़ाकर दस करोड़ रुपये तक किए जाने की सूचना सामने आई थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सात विशेष जांच दल गठित किए थे। ये टीमें झारखंड के साथ-साथ बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। हाल ही में राज्य की पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा ने भी जमशेदपुर पहुंचकर जांच की प्रगति की समीक्षा की थी।
कैरव गांधी की सुरक्षित वापसी से शहरवासियों ने राहत की सांस ली है। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उनकी रिहाई केवल पुलिस की कार्रवाई का परिणाम है या इसमें अन्य प्रयास भी शामिल रहे। पुलिस शीघ्र ही विस्तृत जानकारी साझा कर सकती है। Jamshedpur News















