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    हेरिटेज दिवस पर विशेष : हड़प्पा संस्कृति से विख्यात राखीगढ़ी की है पूरे विश्व में पहचान

    World-Heritage-Week

    सभ्यता को दुनिया के सामने लाने के लिए किया गया ऑनलाइन कार्यक्रम

    (Heritage Day )

    सच कहूँ/सुनील कोहाड़ नारनौंद। करीब 5 हजार वर्ष पुरानी हड़प्पा संस्कृति अंकित है। वर्ल्ड हेरिटेज दिवस के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम का आयोजन कर पुरानी सभ्यता को पूरी दुनिया के सामने लाने का काम किया। पुरानी संस्कृति से संबंधित गांव के ही लोक कलाकारों ने अनेक प्रकार के कार्यक्रम पेश किए जो कि ऑनलाइन दिखाए गए। यहां की संस्कृति को पूरी दुनिया में पहचानाी जाए इसके लिए गांव में एक म्यूजियम भी बनाया जा रहा है। ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस संस्कृति को समझ सके।

    एक लोक गीत गाकर उनके महत्व के बारे में बताया

    आज विश्व विरासत दिवस के मौके पर राखीगढ़ी में अस्तित्व हेरिटेज सागा आॅफ राखीगढ़ी की तरफ से कई तरह के सांस्कृतिक और विरासत जागरुकता कार्यकम का आयोजन किया गया। जिसका सीधा प्रसारण सोशल मीडिया के माध्यम से किया गया। कार्यक्रम में भाग लेने वाले सारे कलाकार राखीगढ़ी गाँव के थे जिसमें युवा वृद्ध महिला भरपाई देवी ने पुराने समय की वेशभूषा व गहने पहनकर लोकगीत गाकर लोक नृत्य भी पेश किया।

    • गांव के ही लोक कलाकार सुरेश कुमार ने खुदाई के दौरान जो भी अवशेष निकले थे।
    • उन पर एक लोक गीत गाकर उनके महत्व के बारे में बताया।
    • अपनी संस्कति को प्रस्तुत किया।
    • अस्तित्त्व की पहले भी इस तरह के संस्कृति से संबंधित विषयों पर कार्यक्रम का आयोजन करता आया है।
    • जिसका सीधा मकसद गाँव के पुरानी सभ्यता संस्कृति को बचाए रखने और इसको आगे प्रचारित करना है।
    • राखीगढ़ी में आज भी काफी चीजें देखने को मिलती है।
    • जो कि 5 हजार वर्ष पहले हड़प्पा संस्कृति से मेल खाती है।

    अस्तित्व के डॉयरेक्टर बलराम कुमार ने कहा की हमारी हर संभव प्रयास रही है कि हम राखीगढ़ी की सभ्यता और संस्कृति को संजोये रखे और देश दुनिया मे इनको प्रचारित करते रहे ताकि हमारी हजारों साल पुरानी संस्कृति सुरक्षित रहे और आने वाली पीढ़ियां भी इसे जाने। हम आगे भी अपनी सभ्यता और संस्कृति के बचाव हेतू इस तरह के सांस्कृतिक और जागरुकता कार्यकम का आयोजन करते रहेंगे।

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