हमसे जुड़े

Follow us

20.5 C
Chandigarh
Friday, February 27, 2026
More
    Home न्यूज़ ब्रीफ अमेरिका से ले...

    अमेरिका से लें जल संरक्षण की सीख

    Water Conservation

    प्राकृतिक जल संसाधनों का संरक्षण करने की सीख अमेरिका से लेनी चाहिए। अमेरिका में कोलोराडो नामक एक नदी सूखने की कगार पर है, जिसे बचाने के लिए अब तीन राज्यों के पानी में कटौती की जाएगी। नि:संदेह इस निर्णय से चार करोड़ आम जनता के लिए पानी का संकट पैदा होगा। फिर भी इस निर्णय से जल स्त्रोतों के प्रति अमेरिका ने संजीदगी और जिम्मेदारी दिखाई है। इधर हमारा देश है कि जहां दिन-ब-दिन पानी की किल्लत हो रही है वहीं विभिन्न राज्यों के बीच एक-दूसरे से पानी को लेकर विवाद चल रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में सतलुज के पानी को लेकर पंजाब और हरियाणा का मामला सर्वोच्च न्यायलय में चल रहा है। इस मामले को चुनावों के दौर में खूब तूल दिया जाता है। ‘पानी नहीं खून देंगे’ जैसे नारे आम सुने जाते रहे हैं।

    राजनीतिक बयानबाजी के कारण दो राज्यों में टकराव का माहौल भी बनता रहा है लेकिन इस बात पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता कि नदियों को सूखे से कैसे बचाया जाए। घरेलू प्रयोग और कृषि क्षेत्र को लेकर पानी की उपलब्धता हमारी आवश्यकताओं से कहीं कम है। बारिश के मौसम को छोड़कर अधिकतर नदियां एक नाले की तरह नजर आती हैं। नदियों के अस्तित्व को बचाने की न तो कोई ठोस नीति बनाई गई है और न ही कोई मुहिम। पानी को बचाने के लिए लोगों में जागरूकता की कमी है। सतलुज नदी पानी की कमी के साथ-साथ प्रदूषण का घर बनती जा रही है। पानी की बचत को लेकर बड़े स्तर पर प्रयास करने होंगे। भू-जल स्तर निरंतर नीचे जाने का संकट पहले ही पैदा हो चुका है। बारिश के पानी को बचाने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को गंभीरता से लागू नहीं किया गया।

    ऐसी कई सरकारी योजनाएं केवल कागजों में ही चलती रही हैं। पानी की कीमत बेहद आवश्यक है, जल ही जीवन है जिसको लेकर लड़ाई नहीं बल्कि समझदारी व जागरूकता की आवश्यकता है। किसी भी सुख के लिए दुख तो सहन करने पड़ते हैं। पानी के अंधाधुन्ध प्रयोग की बजाय संयम से प्रयोग करना होगा। ‘फल्लड इरीगेशन’ जैसे सिंचाई उपायों की बजाय ड्रिप सिस्टम जैसी आधुनिक विधियां अपनानी होंगी। डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरू संत डा. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने कृषि क्षेत्र में पानी की पुन: उपयोग (रीयूज वाटर सिस्टम) की तकनीक ईजाद की है जिससे पानी की बचत होती है। जागरूक होकर ही जल संकट के मामले से निपटा जा सकता है।

     

    अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।