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    दशहरा के दिन गांव ग्राम कासमपुर खोला हुआ गमगीन, सपूत लांस नायक कपिल कुमार को दी गई अंतिम सलामी

    Meerapur
    Meerapur दशहरा के दिन गांव ग्राम कासमपुर खोला हुआ गमगीन, सपूत लांस नायक कपिल कुमार को दी गई अंतिम सलामी

    मीरापुर।(सच कहूं/कोमल प्रजापति) क्षेत्र का ग्राम कासमपुर खोला उस समय गमगीन हो गया जब गांव के सपूत लांस नायक कपिल कुमार (28 वर्ष) का पार्थिव शरीर गुरुवार को गांव पहुंचा। जाट रेजीमेंट में की टुकडी ने आकर कपिल के अंतिम संस्कार में उनके सम्मान में अंतिम सलामी दी।

    ग्राम कासमपुर खोला निवासी कपिल कपासिया पुत्र ध्यान सिंह की तैनाती गुजरात में जाट रेजीमेंट में चल रही थी। 20 जनवरी 2025 को पुणे में ड्यूटी के दौरान उन पर अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियारों से हमला कर दिया था। इस घटना में उनकी गर्दन पर चाकू से गहरा वार हुआ, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। तत्काल उन्हें पुणे मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां कई माह तक उनका इलाज चलता रहा। बाद में परिजन उन्हें मेरठ मिलिट्री हॉस्पिटल लेकर आए। यहां पर लगभग चार महीने तक उनका उपचार चला, लेकिन बुधवार देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली।
    गुरुवार को जब उनका पार्थिव शरीर गांव कासमपुर खोला में पहंुचा तो हजारों की भीड़ अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़ी। हर आंख नम थी और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। आर्मी अधिकारियों ने उन्हें गार्द ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी। इसके बाद गांव के श्मशान घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।शहीद कपिल कुमार के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। उनकी पत्नी कोमल, छोटा बेटा माधव और माता-पिता गहरे शोक में डूबे हैं। गांव के लोगों का कहना है कि कपिल कुमार बचपन से ही होनहार और साहसी थे। सेना में भर्ती होकर उन्होंने गांव और परिवार का मान बढ़ाया।अंतिम संस्कार के दौरान क्षेत्रीय पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण और आस-पास के लोग मौजूद रहे। सभी ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बलिदान को नमन किया।गांववासियों ने कहा कि शहीद का यह बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। कपिल कुमार ने देश सेवा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर किए हैं। उनका नाम हमेशा गर्व से लिया जाएगा।