कैराना (सच कहूँ न्यूज़)। Kairana News: अल क़ुरआन एकेडमी कैराना के निदेशक मुफ्ती अतहर शम्सी ने कहा कि इस्लाम में आपसी मेलजोल केवल सामाजिक विकल्प नहीं, बल्कि धार्मिक और नैतिक ज़िम्मेदारी है। ईमान केवल मान्यता नहीं, बल्कि व्यवहार में प्रकट होता है। ईमान वह है जो न्याय, संयम, पड़ोसी के अधिकार और दुख-सुख में सहभागिता के रूप में झलकता हो। उन्होंने कुरआन की आयत-(49:13) का हवाला देते हुए कहा कि मानव विविधता टकराव नहीं, बल्कि परस्पर परिचय और सहयोग का आधार है। Kairana News
श्रेष्ठता का मापदंड जाति या समुदाय नहीं, बल्कि तक़वा और नैतिक आचरण है। कुरआन की आयत-(17:70, 5:32) के संदर्भ में उन्होंने कहा कि हर इंसान सम्मान का अधिकारी है और निर्दोष की हत्या पूरी मानवता के विरुद्ध अपराध है। मुफ्ती अतहर शम्सी ने कहा कि पैगंबर मुहम्मद(सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) का जीवन सामुदायिक सद्भाव का व्यावहारिक आदर्श है, जिसमें न्याय और धार्मिक स्वतंत्रता को महत्व दिया गया। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक सद्भाव का अर्थ केवल मतभेद मिटाना नहीं, बल्कि मानव गरिमा और न्याय की बुनियाद पर साथ रहना है। Kairana News
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