नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में उत्पन्न तनावपूर्ण परिस्थितियों के मद्देनज़र देशभर में सतर्कता स्तर बढ़ा दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय तथा विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देशित किया है कि वे संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी निगाह रखें तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करें, ताकि राष्ट्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था अक्षुण्ण बनी रहे। India News
हाल के घटनाक्रम के संदर्भ में कुछ स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण एवं विधिसम्मत ढंग से अपनी बात रखने का प्रत्येक नागरिक को अधिकार है, किंतु किसी भी प्रकार की हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुँचाना अथवा सुरक्षा बलों से टकराव को कदापि स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसी घटनाएँ सामाजिक सौहार्द और जन-सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती सिद्ध हो सकती हैं।
राज्यों ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए
सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक सूचनाएँ प्रसारित किए जाने की आशंका को देखते हुए राज्यों ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपुष्ट, भड़काऊ या आपत्तिजनक सामग्री का प्रसार न करें। प्रशासन का कहना है कि अफवाहें वातावरण को विषाक्त बना सकती हैं तथा अनावश्यक तनाव उत्पन्न कर सकती हैं।कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति अवैध गतिविधियों, उकसावे अथवा असामाजिक आचरण में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। शांति एवं सामंजस्य बनाए रखना शासन-प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों की भी सामूहिक जिम्मेदारी है।
इसी क्रम में कुछ जिलों में स्थानीय प्रशासन ने लोगों से संयम और सहयोग की अपेक्षा की है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दंगा-फसाद, तोड़फोड़, पत्थरबाज़ी अथवा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से आम नागरिकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और दैनिक श्रमिकों को प्रत्यक्ष हानि पहुँचती है। हिंसक गतिविधियों के कारण शैक्षणिक संस्थानों के संचालन, यातायात व्यवस्था तथा आर्थिक क्रियाकलापों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। प्रशासन ने पुनः दोहराया है कि शांति, सद्भाव और विधि-व्यवस्था की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है, तथा किसी भी प्रकार की असंवैधानिक गतिविधि को सहन नहीं किया जाएगा। India News















