US Military: वॉशिंगटन। मध्यपूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी को व्यापक स्तर पर बनाए रखा है। वर्तमान समय में लगभग 1,08,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक दुनिया के 160 देशों में तैनात या अग्रिम मोर्चों पर मौजूद हैं। यह तैनाती ऐसे दौर में है जब अमेरिका को एक ओर ईरान से जुड़े तनावों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर चीन और रूस से भी रणनीतिक चुनौतियां मिल रही हैं। US News
हाल ही में United States Department of Defense के वरिष्ठ अधिकारियों ने अमेरिकी सीनेट की सशस्त्र सेवा उपसमिति के समक्ष जानकारी देते हुए कहा कि अमेरिकी सेना मध्यपूर्व में चल रहे अभियानों के साथ-साथ दुनिया के अन्य क्षेत्रों में भी अपने दायित्व निभाने में सक्षम है। अमेरिकी सेना के वाइस चीफ जनरल क्रिस्टोफर लानेव ने सांसदों को बताया कि अमेरिकी बल कई क्षेत्रों में एक साथ सक्रिय रहते हुए बदलते सुरक्षा खतरों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में तैनात अमेरिकी सैनिक रणनीतिक हितों की रक्षा करने के साथ-साथ क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में भी भूमिका निभा रहे हैं।
लानेव के अनुसार मध्यपूर्व में तैनात अमेरिकी सैनिक जटिल और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम कर रहे हैं। वे मिसाइल और ड्रोन खतरों से सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा में भी सहयोग कर रहे हैं। साथ ही सैनिकों को जरूरी ईंधन, गोला-बारूद और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए समन्वित सैन्य तंत्र सक्रिय है। US News
नौसेना ने मध्यपूर्व में सहयोगी देशों की सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
वहीं United States Navy के वाइस चीफ एडमिरल जेम्स किल्बी ने बताया कि पिछले वर्ष नौसेना ने कई सैन्य अभियानों में भाग लेते हुए संयुक्त बलों को सहयोग दिया। नौसेना ने न केवल दुश्मन ताकतों के खिलाफ कार्रवाई की बल्कि मध्यपूर्व में सहयोगी देशों की सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी बताया कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना लगातार सक्रिय है और यहां चीन की गतिविधियों पर करीबी नजर रखी जा रही है। नौसेना अपने जहाजों की मरम्मत प्रक्रिया को तेज करने और शिपयार्ड को आधुनिक बनाने पर भी काम कर रही है, ताकि अधिक से अधिक युद्धपोत हमेशा मिशन के लिए तैयार रह सकें।
सैन्य अधिकारियों के अनुसार United States Marine Corps की इकाइयां दुनिया के किसी भी हिस्से में त्वरित तैनाती के लिए तैयार रहती हैं, विशेषकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में जहां रणनीतिक प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। इसके साथ ही United States Air Force अपने विमानों के आधुनिकीकरण और नए पायलटों के प्रशिक्षण पर ध्यान दे रही है। अधिकारियों के मुताबिक हर वर्ष लगभग 1,500 नए पायलटों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और आधुनिक लड़ाकू प्रणालियों के विकास पर भी काम जारी है।
आधुनिक युद्ध में अंतरिक्ष की भूमिका को ध्यान में रखते हुए United States Space Force भी अपनी क्षमताओं को बढ़ा रही है। हाल के समय में मिसाइल चेतावनी, नेविगेशन और अंतरिक्ष निगरानी के लिए कई नए उपग्रह प्रक्षेपित किए गए हैं। हालांकि U.S. Government Accountability Office ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी सेना को अभी भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार पुराने सैन्य उपकरण, मरम्मत में देरी और स्पेयर पार्ट्स की कमी जैसी समस्याएं सैन्य तैयारी को प्रभावित कर सकती हैं। US News















