शाम 7 बजे के बाद कई-कई घंटों तक हो रही कटौती, लोग परेशान
- तलवंडी साबो थर्मल प्लांट का एक यूनिट हुआ बंद
- ग्रिडों में पहुंचकर सोशल मीडिया पर सरकार को दिखाने लगे हालात
पटियाला (सच कहूँँ/खुशवीर सिंह तूर)। Patiala News: प्रदेश भर में हो रही बिजली कटौती के चलते आम लोग रात के समय ग्रिडों में पहुंचकर बिजली कर्मचारियों से तकरार करने लगे हैं। बड़ी बात यह है कि गर्मी का मौसम अभी शुरू हुआ है, लेकिन पहले ही कई-कई घंटों तक बिजली कटौती हो रही है, जबकि मंडियों में सीजन भी जोरों पर चल रहा है। इधर रात के समय तलवंडी साबो थर्मल प्लांट का एक यूनिट बायलर ट्यूब लीक होने के कारण बंद हो गया। राज्य भर में बिजली की बढ़ती मांग 9500 मेगावाट के करीब पहुंच गई है, इसके बावजूद बिजली कटौती समझ से बाहर है। Patiala News
उल्लेखनीय है कि पंजाब के बिजली मंत्री ने पिछले दिनों प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिजली के मामले में बड़े-बड़े दावे किए थे कि इस बार गर्मी और धान सीजन में किसी प्रकार की बिजली कटौती नहीं होगी, जबकि मौजूदा समय में स्थिति दावों के उलट बन चुकी है। पावरकॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को राज्य में बिजली की अधिकतम मांग 9632 मेगावाट तक रही। तलवंडी साबो थर्मल प्लांट का एक यूनिट रात 9:30 बजे बायलर लीक होने के कारण बंद हो गया। आज शुक्रवार को मौसम में कुछ बदलाव होने के कारण दोपहर 3 बजे बिजली की मांग 6000 मेगावाट से कुछ ऊपर चल रही थी। पिछले चार-पांच दिनों से राज्य में बिजली कटौती की स्थिति उत्पन्न हो गई है। संगरूर, पटियाला, बरनाला, फाजिल्का, फिरोजपुर, लुधियाना आदि जिलों में लोग रात को ग्रिडों में पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे हैं और वहाँ हो रही बिजली कटौती के बारे में सवाल पूछ रहे हैं।
बिजली कर्मचारियों से लोगों की हो रही तकरार | Patiala News
कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें ऊपर से इतने समय तक बिजली कटौती करने के आदेश मिलते हैं, जिसके बाद सप्लाई बंद कर दी जाती है। 15 अप्रैल को पंजाब के कई इलाकों में शाम 7 बजे से कटौती शुरू होकर रात 12 बजे तक जारी रही। इसी तरह 16 अप्रैल की रात भी कई घंटे बिजली कटौती की रिर्पोटें आई हैं। सोशल मीडिया पर लोगों ने लाइव होकर ग्रिडों में पहुंचकर बिजली कटौती की पोल खोली और सरकार से सवाल किया कि अब ऐसा कौन सा भारी भार आ गया है कि रात के समय इतनी बड़ी बिजली कटौती करनी पड़ रही है। इस दौरान बिजली कर्मचारियों से लोगों की तकरार भी हो रही है। लोगों ने कहा कि दिन में तो गेहूँ की फसल को आग से बचाने के लिए बिजली सप्लाई बंद रखी जा रही है, लेकिन रात को भी बिजली नहीं आ रही।
15 यूनिटों में से 2 यूनिट बंद पड़े
इस बीच सरकारी थर्मल प्लांटों के 10 में से 9 यूनिट चल रहे हैं और इनसे 1345 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। रूपनगर थर्मल प्लांट का नंबर 4 यूनिट वार्षिक मेंटेनेंस के कारण बंद पड़ा है। इसी तरह सबसे बड़े थर्मल प्लांट तलवंडी साबो के 3 यूनिटों में से 2 यूनिट चल रहे हैं। नंबर 2 यूनिट पिछले रात बायलर लीक के कारण बंद हो गया है, और उम्मीद जताई गई है कि यह 20 अप्रैल तक चलेगा। इसी तरह राजपुरा थर्मल प्लांट के दोनों यूनिट चल रहे हैं, और इन दोनों थर्मल से 1400 मेगावाट से ज्यादा बिजली उत्पादन हो रहा है।















