अमलोह के बाजार में कपड़े-ज्वेलरी की दुकान में लगी भीषण आग, लपटों में जले रोजी-रोटी के सपने
कुदरत या किस्मत की मार कब किसी के हंसते-बसते आशियाने को उजाड़ दे, कुछ कहा नहीं जा सकता।