उत्तर प्रदेश में सभी स्कूल 30 अप्रैल तक बंद

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Maritorious schools will open in Punjab from 9 February

कोविड-19 की टेस्टिंग में वृद्धि की जाए

लखनऊ (सच कहूँ न्यूज)। उत्तर प्रदेश में कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए राज्य सरकार ने कक्षा एक से 12 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 30 अप्रैल तक बंद किए जाने की रविवार को घोषणा की। इस अवधि में सभी कोचिंग संस्थान भी बंद रहेंगे। मुख्यमंत्री रविवार को अपने सरकारी आवास पर बैठक में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए ‘टेस्ट, ट्रेस और ट्रीट’ के लक्ष्य को निरन्तर ध्यान में रखते हुए प्रभावी प्रयास किए जाएं। कोविड-19 की टेस्टिंग में वृद्धि की जाए।

उन्होंने कहा कि कोविड चिकित्सालयों में चिकित्साकर्मियों, आवश्यक औषधियों, मेडिकल उपकरणों तथा बैकअप सहित आॅक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखी जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि एल-2 तथा एल-3 कोविड चिकित्सालयों में वेन्टिलेटर्स तथा हाई फ्लो नेजल कैन्युला (एचएफएनसी) की उपलब्धता अवश्य रहे। वेन्टिलेटर्स एवं एचएफएनसी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए लगातार समीक्षा करते हुए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त प्रबन्ध किए जाएं। उन्होंने लेवल-2 तथा लेवल-3 के बेड की संख्या में वृद्धि करने के निर्देश भी दिए।

कोचिंग सेन्टर्स भी बन्द

मुख्यमंत्री ने लखनऊ, कानपुर नगर, वाराणसी तथा प्रयागराज में कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए प्रभावी रणनीति बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन जनपदों में प्रतिदिन कोरोना के 100 या उससे अधिक केस मिल रहे हैं अथवा जहां कुल एक्टिव केसों की संख्या 500 से अधिक है, ऐसे जनपदों में रात्रि 09 बजे से सुबह 06 बजे तक कोरोना कर्फ्यू लगाया जाए। प्रदेश में कक्षा 01 से कक्षा 12 तक के सभी सरकारी तथा गैर सरकारी विद्यालयों को 30 अप्रैल तक बन्द रखा जाए। पूर्व निर्धारित परीक्षाएं आयोजित की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि इस अवधि में कोचिंग सेन्टर्स भी बन्द रहेंगे।

स्वच्छता व सेनिटाइजेशन जरूरी

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सभी जनपदों में पीपीई किट, एन-95 मास्क, पल्स आक्सीमीटर, इन्फ्रारेड थमार्मीटर, सेनिटाइजर, एन्टीजन किट सहित सभी आवश्यक सामग्री की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। इस सम्बन्ध में किसी भी जनपद से से मांग प्राप्त होने पर तत्काल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। सभी विभागों के कार्मिकों को आवश्यकतानुसार कोविड प्रबन्धन के कार्यों से जोड़ा जाए। युवक मंगल दल, महिला मंगल दल, सिविल डिफेंस, एनसीसी तथा एनएसएस के सदस्यों की भी सेवाएं प्राप्त की जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण में स्वच्छता व सेनिटाइजेशन की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके दृष्टिगत नगर विकास एवं ग्राम्य विकास विभागों द्वारा शहरी और ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता और सेनिटाइजेशन का कार्य मिशन मोड पर किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता व सेनिटाइजेशन के कार्य से कोविड-19 को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी ओर यह डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया तथा जेई की रोकथाम में भी उपयोगी होगा।

 

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