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    बिना अनुमति काटे थे खेजड़ी के 250 पौधे, डेढ़ साल तक लगा एक भी नहीं

    • कंस्ट्रक्शन कम्पनी ने अनुबंध का नहीं किया पालन, बिश्नोई समाज व वृक्षप्रेमियों में आक्रोश
    • काटे पेड़ों के स्थान पर वृक्षों की आत्मिक शांति के लिए विरोध स्वरूप हवन करने का निर्णय

    हनुमानगढ़।(सच कहूँ न्यूज) जिला न्यायालय परिसर में कोर्ट भवन के निर्माण के लिए कॉन्ट्रेक्टर की ओर से बिना अनुमति खेजड़ी के करीब 250 पेड़ उखाडऩे को लेकर पैदा हुए विवाद के बाद हुए समझौते को करीब डेढ़ साल बीतने के बावजूद भी कॉन्ट्रेक्टर की ओर से खेजड़ी के पेड़ नहीं लगाए गए। तब तय हुआ था कि कॉन्ट्रेक्टर की ओर से खेजड़ी के 250 पौधे मय ट्री गार्ड लगाए जाएंगे। कंस्ट्रक्शन कम्पनी के साथ 250 पौधे लगाने के हुए अनुबंध को पूरा करवाने की मांग को लेकर गुरुवार को अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा ने जिला एवं सेशन न्यायाधीश और उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधि मंडल में शामिल एडवोकेट रामकुमार बिश्नोई ने बताया कि जिला न्यायालय परिसर में एससीएसटी कोर्ट व पारिवारिक न्यायालय के भवन निर्माण करने के समय जून 2021 में कॉन्ट्रेक्टर की ओर से यहां बिना स्वीकृति के अवैध रूप से राज्य वृक्ष खेजड़ी पेड़ काटे गए थे।

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    इसका अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई सभा, वृक्षप्रेमी अधिवक्ताओं एवं सर्व समाज की ओर से भारी विरोध किया गया। उस समय जिला एवं सेशन न्यायाधीश संजीव मागो व तत्कालीन जिला कलक्टर नथमल डिडेल की ओर से मध्यस्थता कर कंस्ट्रक्शन कम्पनी व वृक्ष प्रेमियों के मध्य समझौता करवाया गया। समझौते के अनुसार उस समय निर्माण करने वाली फर्म सिद्धू कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से 30 जून 2021 को लिखित अनुबंध किया गया था कि निर्माण करने वाली फर्म खेजड़ी के 250 पौधे स्वयं के खर्च पर न्यायालय परिसर में मय ट्री गार्ड लगाएगी व वृक्षों की देखभाल दो वर्ष तक करेगी। निर्माण के समय दो सबमर्सिबल लगाए गए थे। इसमें से एक सबमर्सिबल पेड़-पौधों की सिंचाई के लिए चालू हालत में निशुल्क छोड़ कर जाने का अनुबंध हुआ।

    बिश्नोई ने बताया कि अनुबंध के तहत पेड़ों की सार-सम्भाल करना तो दूर कम्पनी की ओर से खेजड़ी का एक भी पेड़ नहीं लगाया गया है जो अनुबंध का उल्लंघन है। रामकुमार बिश्नोई ने बताया कि शनिवार को नवनिर्मित कोर्ट भवन का लोकार्पण राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति मनोज गर्ग की ओर से किया जाना है। अनुबंध के अनुसार कम्पनी की ओर से खेजड़ी के पौधे नहीं लगाने के कारण वृक्षप्रेमियों में भारी आक्रोश है। खेजड़ी के पेड़ों की हत्या कर वहां पर बिल्डिंग का निर्माण किया गया है। बदले में व अनुबंध के अनुसार खेजड़ी के पौधे नहीं लगाए गए हैं। बिश्नोई ने बताया कि काटे खेजड़ी के पेड़ों के स्थान पर बिश्नोई समाज एवं वृक्ष प्रेमियों की ओर से शनिवार को वृक्षों की आत्मिक शांति के लिए विरोध स्वरूप हवन कर विरोध प्रकट करने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान ओम बिश्नोई, राजेश बिश्नोई, जूडो कोच विनीत बिश्नोई, विक्रमजीत बिश्नोई, जयपाल गोदारा, विकास झोरड़, कमलदीप चहल, मनदीप सिंह, बृजमोहन, ओम बिश्नोई आदि मौजूद थे।

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