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    कालांवाली की नंदीशाला में गूंजा गुरुयश, साध-संगत ने हाथ खड़े कर लिया प्रण

    Naamcharcha

    प्रबंधन कमेटी ने गौसेवा में सहयोग के लिए जताया साध-संगत का आभार

    ओढां। (सच कहूँ/राजू) डेरा सच्चा सौदा के पावन स्थापना माह के उपलक्ष्य (Naamcharcha) में ब्लॉक श्री जलालआणा साहिब की ब्लॉक स्तरीय नामचर्चा मंडी कालांवाली में स्थित नंदीशाला में धूमधाम से आयोजित हुई। नामचर्चा का लाभ उठाने के लिए नंदीशाला की प्रबंधन कमेटी, व्यापारी एवं आढ़ती वर्ग तथा गणमान्य व्यक्तियों के अलावा बड़ी संख्या में साध-संगत मौजूद रही। नामचर्चा की शुरुआत ब्लॉक प्रेमी सेवक सुरजीत इन्सां ने बेनती भजन के साथ करवाई तदुपरांत कविराजों ने ‘ला लै पक्के नाल यारी’ ‘रखिये बुलंद हौसले’ ‘जप नाम सतगुरु दा’ ‘नाम जप-नाम जप’ सहित अनेक भजनों द्वारा गुरुयश गाया।

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    इस अवसर पर प्रेमी सेवक सुरजीत इन्सां ने उपस्थित साध-संगत को पावन स्थापना माह की बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस समय भीषण गर्मी का प्रकोप चल रहा है इसलिए पूज्य गुरु जी के वचनानुसार पशु-पक्षियों के लिए चोगे-पानी का प्रबंध करना है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि खेतों से लौटते समय कुछ क्षण के लिए बौरवेल जरू र चलाकर आएं, ताकि बेजुबान पशु-पक्षी उसमें से पानी पी सके। (Naamcharcha) वहीं उन्होंने गौसेवा बारे भी पूज्य पिताजी के वचनों बारे बताते हुए कहा कि साध-संगत ने गौसेवा में भी योगदान देना है।

    जिसके बाद समस्त साध-संगत ने हाथ खड़े कर प्रण लिया। वहीं डॉ. दलीप सिंह ने पूज्य पिताजी द्वारा फरमाए गए आॅर्गेनिक खेती अपनाने के वचनों बारे बताते हुए विस्तृत जानकारी दी। इस मौके पर टेकचंद, पवन कुमार, काका गोयल, मक्खन गर्ग, कर्ण गर्ग, दीपा सिंह व संदीप सहित मंडी से अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

    नंदीशाला में रहता है साध-संगत का भरपूर सहयोग: गोयल

    नंदीशाला प्रबंधन कमेटी के सदस्य सूरजभान ठेकेदार, संदीप गोयल व नरेश गर्ग ने कहा कि मंडी की साध-संगत नंदीशाला में सेवा कार्यांे में भरपूर सहयोग करती है। यही कारण है कि सभी के सहयोग से गौवंश की देखरेख हो रही है। उन्होंने पूज्य गुरु जी द्वारा गौवंश के लिए फरमाए गए वचनों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे गौवंश की देखरेख को बढ़ावा मिला है। उन्होंने बताया कि सरकार ने मंडी को केटल फ्री करने के उद्देश्य से वर्ष 2016 में अस्थाई तौर पर नंदीशाला खोली थी। जिसमें मौजूदा समय में करीब 700 गौवंश आश्रय पा रहा है।

    नंदीशाला में न केवल गौवंश की देखरेख हो रही है बल्कि दुर्घटनाओं में भी कमी आई है। नामचर्चा के दौरान नंदीशाला कमेटी ने नंदीशाला में पहुंचने पर समस्त साध-संगत का आभार व्यक्त करते हुए ब्लॉक के सेवादारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। (Naamcharcha) ब्लॉक प्रेमी सेवक सुरजीत इन्सां ने नंदीशाला कमेटी को आश्वस्त किया कि वे गौवंश की देखरेख में यथासंभव सहयोग करेंगे।

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