1 currency note: साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुराने 1 रुपये के नोट के बदले 45 लाख रुपये देने का लालच देकर एक व्यक्ति से 7.93 लाख रुपये ठग लिए गए। इस मामले की जांच के दौरान हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने कथित ‘म्यूल अकाउंट नेटवर्क’ का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क देशभर में साइबर अपराध के करीब 450 मामलों से जुड़ा हो सकता है। इन खातों के जरिए 60 करोड़ से 70 करोड़ रुपये तक के संदिग्ध लेन-देन का अनुमान है।
कमीशन के लालच में बैंक खाते और सिम कार्ड किए सप्लाई
पुलिस के अनुसार, कर्नाटक के बीदर निवासी रमेश आर्थिक तंगी के कारण परिवार के साथ हैदराबाद आ गए थे। वहां उन्होंने किराए की कार चलाकर ड्राइवर के रूप में काम शुरू किया। इसी दौरान कथित तौर पर उनका संपर्क साइबर ठगों से हुआ।
जांच में सामने आया कि रमेश ने एक अन्य आरोपी के साथ मिलकर हैदराबाद के रामंथपुर और आसपास के इलाकों में छात्रों, डिलीवरी पार्टनर्स और अन्य लोगों से संपर्क किया। आरोप है कि उन्हें बैंक खाते और सिम कार्ड इस्तेमाल करने देने के बदले कमीशन का लालच दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने करीब 60 से 70 लोगों से बैंक पासबुक, एटीएम और डेबिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग से जुड़ी जानकारी और सिम कार्ड एकत्र किए। इसके बाद इन्हें कथित तौर पर कूरियर के जरिए हरियाणा में अपने साथियों तक पहुंचाया गया, ताकि इनका इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी में किया जा सके।
तीन बैंक खातों की जानकारी भी सौंपी
पुलिस जांच में अनिल नाम के एक अन्य आरोपी की भूमिका भी सामने आई है। आरोप है कि उसने अलग-अलग बैंकों में तीन बचत खाते खोले और कमीशन के बदले उनकी जानकारी रमेश को दे दी। पुलिस को संदेह है कि इन खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध से हासिल रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने के लिए किया गया।
जांचकर्ताओं के अनुसार, कथित नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों के खिलाफ देशभर में करीब 450 साइबर अपराध की शिकायतें या मामले सामने आए हैं। इन खातों के जरिए 60 करोड़ से 70 करोड़ रुपये तक के लेन-देन का अनुमान है। पुलिस इस वित्तीय नेटवर्क और फरार आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है।
फेसबुक पर पुराने नोट के बदले 45 लाख देने का दिया झांसा
इस मामले की जांच 25 सितंबर को मिली एक शिकायत के बाद शुरू हुई थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, साइबर ठगों ने फेसबुक के जरिए उससे संपर्क किया और पुराने 1 रुपये के नोट के बदले 45 लाख रुपये देने का वादा किया।
इस लालच में आकर पीड़ित ने आरोपियों के कहने पर 7,93,351 रुपये ट्रांसफर कर दिए। हालांकि, पैसे लेने के बाद आरोपियों ने अपना वादा पूरा नहीं किया। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की।
शिकायत के आधार पर हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर रकम के लेन-देन की जांच शुरू की।
8 अक्टूबर को दो आरोपी गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस को कथित म्यूल अकाउंट्स के इस्तेमाल के संकेत मिले। म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खाते होते हैं, जिनका इस्तेमाल दूसरे लोगों की रकम प्राप्त करने या उसे आगे ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। कई मामलों में खाताधारकों को कमीशन का लालच दिया जाता है, जबकि इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर भेजने में किया जाता है।
पुलिस के मुताबिक, एक सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर एम. सुरेंद्र के नेतृत्व वाली टीम ने 8 अक्टूबर को हैदराबाद के अंबरपेट स्थित रामंथपुर इलाके से रमेश और अनिल को गिरफ्तार किया। उनके पास से दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर कमीशन के बदले साइबर अपराधियों को बैंक खातों और सिम कार्ड की जानकारी उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की। जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपियों को जानकारी थी कि इनका इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी में किया जा सकता है।
फिलहाल पुलिस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, हरियाणा में मौजूद संपर्कों और संदिग्ध लेन-देन की जांच कर रही है।