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Breast Cancer Awareness: पुरुष भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर से ग्रस्त, ये संकेत दिखें तो हो जाएं सावधान!
ब्रेस्ट कैंसर के कुल मामलों में पुरुषों की हिस्सेदारी करीब 0.5 से 1 प्रतिशत: विश्व स्वास्थ्य संगठन
Male Breast Cancer: नई दिल्ली (सच कहूँ/एजेंसी)। ब्रेस्ट कैंसर का जिक्र होते ही अक्सर लोगों के जेहन में महिलाओं की तस्वीर आती है। हालांकि, यह बीमारी केवल महिलाओं तक सीमित नहीं है। पुरुषों में भी ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है, भले ही इसके मामले बेहद कम देखने को मिलते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर के कुल मामलों में पुरुषों की हिस्सेदारी करीब 0.5 से 1 प्रतिशत के बीच होती है। वहीं, लगभग 99 प्रतिशत मामले महिलाओं में सामने आते हैं। आंकड़ा कम होने के बावजूद पुरुषों में इस बीमारी की संभावना को पूरी तरह नजरअंदाज करना सही नहीं है।
अक्टूबर को दुनियाभर में ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता माह के तौर पर मनाया जाता है। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को बीमारी के लक्षणों, समय रहते जांच और उपचार के महत्व के बारे में जानकारी देना है। साथ ही, बीमारी से जूझ रहे लोगों के प्रति जागरूकता और सहयोग बढ़ाना भी इसका एक अहम हिस्सा है।
कौन से बदलाव हो सकते हैं संकेत?
पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर दुर्लभ होने के कारण कई बार शरीर में होने वाले बदलावों पर ध्यान नहीं दिया जाता। ब्रेस्ट के आसपास गांठ महसूस होना, निप्पल की स्थिति में बदलाव, निप्पल से असामान्य तरल पदार्थ निकलना या त्वचा में किसी तरह का असामान्य परिवर्तन ऐसे संकेत हो सकते हैं, जिनकी डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। इनमें से कोई भी बदलाव दिखाई देने पर खुद से निष्कर्ष निकालने के बजाय विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। हर गांठ या बदलाव कैंसर नहीं होता, लेकिन इसकी सही वजह जांच के बाद ही पता चल सकती है।
पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर का उपचार बीमारी के प्रकार और उसके चरण के अनुसार तय किया जाता है। उपचार के विकल्प बीमारी की स्थिति के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं और कई मामलों में महिलाओं में इस्तेमाल होने वाले उपचार सिद्धांतों के समान होते हैं। सबसे अहम बात बीमारी की समय रहते पहचान है। शुरुआती अवस्था में कैंसर का पता चलने पर डॉक्टर उपचार की दिशा जल्द तय कर सकते हैं। इसलिए शरीर में लंबे समय तक बने रहने वाले किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का बोझ ज्यादा
ब्रेस्ट कैंसर दुनियाभर में महिलाओं में पाए जाने वाले प्रमुख कैंसरों में शामिल है। WHO के अनुसार, 2022 में लगभग 23 लाख महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का निदान हुआ, जबकि करीब 6.70 लाख महिलाओं की इससे मौत हुई। हालांकि, अलग-अलग देशों में मरीजों के इलाज और जीवित रहने की स्थिति एक जैसी नहीं है। शुरुआती जांच की सुविधा, बीमारी का समय पर पता चलना और बेहतर उपचार तक पहुंच में अंतर इसका एक महत्वपूर्ण कारण माना जाता है। इसलिए ब्रेस्ट कैंसर के खिलाफ जागरूकता का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही है कि शरीर में होने वाले असामान्य बदलावों को गंभीरता से लिया जाए और जरूरत पड़ने पर समय पर डॉक्टर से संपर्क किया जाए।