पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण लंबे समय तक चलने वाली मंदी की चपेट में आ सकता है वैश्विक व्यापार

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वाशिंगटन (एजेंसी)। पश्चिम एशिया का संघर्ष दुनिया भर के व्यवसायों को एक लंबे आर्थिक मंदी की ओर धकेल सकता है। यह बात नेविगेटर प्रिंसिपल इन्वेस्टर्स कंपनी के निदेशक काइल शोस्टैक ने रूसी न्यूज एजेंसी आरआईए नोवोस्ती से बातचीत में कही। उन्होंने कहा, “व्यवसायों के लिए सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे खुद को अलग-अलग उद्योगों में एक लंबी आर्थिक मंदी की ओर फिसलते हुए देख रहे हैं। यह संघर्ष जितना लंबा चलेगा, व्यवसायों के लिए यह उतना ही अधिक कष्टदायक होगा।”

उन्होंने बताया कि एशिया और अफ्रीका के उभरते बाजारों की कंपनियों को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। कंपनियों के पास जोखिम कम करने के लिए बहुत कम गुंजाइश है। उन्होंने कहा कि वे अपनी ऊर्जा आपूर्ति, ग्राहक आधार और पूंजी के स्रोतों में विविधता लाने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “हालांकि, यह कहना आसान है, लेकिन करना मुश्किल।” गौरतलब है कि अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान में तेहरान सहित कई ठिकानों पर हमले किये, जिससे नुकसान हुआ और आम नागरिकों की जान गयी। ईरान ने इसके जवाब में इजरायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। अमेरिका और ईरान सात अप्रैल को युद्धविराम की घोषणा की। इस तनाव बढ़ने से होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही लगभग ठप हो गयी है। यह फारसी खाड़ी के देशों से वैश्विक बाजारों तक तेल और द्रवीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है, और इसके कारण ईंधन की कीमतें बढ़ गयी हैं।

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