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    दादी की आंखों से छलके खुशी के आंसू

    परिवार से बिछुड़ी नाबालिगा को मिलाया अपनों से

    हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। बाल कल्याण समिति ने दो माह पूर्व घर से पलायन करने वाली एक नाबालिग बालिका को सोमवार को सकुशल उसके दादी के साथ भेजकर दोबारा परिवार में पुनर्वास करवाया। पोती को पाकर दादी के खुशी से आंसू छलक गए। बालिका ने भी परिवार को पाकर खुशी जाहिर की। दादी ने सीडब्ल्यूसी की कार्यशैली व तत्परता के लिए आभार व्यक्त किया। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष जितेन्द्र गोयल ने बताया कि दो माह पूर्व एक बालिका कर्नाटक स्थित अपने घर से पलायन कर गई थी जो संयोगवश दिल्ली रेलवे स्टेशन पर सहमी हुई दिल्ली आरपीएफ थाना के स्टाफ को मिल गई। रेलवे पुलिस ने बालिका को दस्तयाब कर दिल्ली बालिका गृह में आवासित करवाया।

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    तब बालिका ने बताया कि उसके दादा-दादी हनुमानगढ़ के सुरेशिया में रहते हैं। दिल्ली बालिका गृह ने हनुमानगढ़ बाल कल्याण समिति को बालिका के बारे में जानकारी दी। इस पर उन्होंने बालिका की दादी से समन्वय स्थापित कर किशोरी के सम्बंध में पूरी जानकारी ली। मामले की सत्यता जांचकर सीडब्ल्यूसी की फुल बैंच बैठक कर दिल्ली बालिका गृह को आदेश जारी करते हुए बालिका को सीडब्ल्यूसी हनुमानगढ़ के समक्ष प्रस्तुत करने के आदेश जारी किए। सोमवार को दिल्ली पुलिस की ओर से नाबालिग लड़की को हनुमानगढ़ सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश किया गया।

    सीडब्ल्यूसी ने बालिका की दादी को सूचना कर सीडब्ल्यूसी हनुमानगढ़ कार्यालय बुलाया। इसके बाद बालिका को उसकी दादी के सुपुर्द करते हुए किशोरी की देखरेख, शिक्षा आदि के लिए पाबंद किया। दादी-पोती खुशी-खुशी घर के लिए रवाना हो गर्इं। इस मौके पर सीडब्ल्यूसी सदस्य सुमन सैनी, सहायक निदेशक बाल अधिकारिता विभाग प्रेमाराम, दत्तक ग्रहण एजेंसी मैनेजर सहदेव रोझ, सीडब्ल्यूसी आॅपरेटर गजेंद्र शर्मा, सहायक प्रशासनिक अधिकारी विशाल कुमार, पूनमचंद राणा, नर्सिंग स्टाफ पुष्पा देवी, मुकेश सहारण मौजूद रहे।

    बच्चों की सुरक्षा के लिए कटिबद्ध

    इस मौके पर सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष जितेन्द्र गोयल ने कहा कि कोई भी नाबालिग बालक-बालिका घर से गायब हैं या किन्ही कारणों से घर से चले गए हैं तो उसकी सूचना हेल्पलाइन नम्बर 1098 या सीडब्ल्यूसी को अवश्य दें ताकि बालक का बचपन बचाया जा सके। सीडब्ल्यूसी बच्चों की सुरक्षा के लिए हर पल कटिबद्ध है। बाल कल्याण समिति सदस्य प्रेमचंद शर्मा ने कहा कि सीडब्ल्यूसी बालकों की देखरेख और सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर है। उन्होंने बताया कि सीडब्ल्यूसी की ओर से रेलवे स्टेशन व बाजार का समय-समय पर निरीक्षण कर बाल श्रम करने वाले बच्चों पर लगाम लगाई गई है।

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