पैसा और समय दोनों बचाएगी ‘इलेक्ट्रोनिक आटा चक्की’

Electric Flour Mill

सच कहूँ/मांगेलाल
सच कहूँ ‘गैजेट’ में आज महिलाओं को ऐसे इलैक्ट्रॉनिक उपकरण के बारे में बताया जाएगा। जिससे जानकर गृहणियां घंटों का काम चुटकियों में करने में समक्ष होंगी। सच कहूँ ‘गैजेट’ में आज बात करेंगे ‘इलेक्ट्रोनिक आटा चक्की ’ की। दिखने में ये छोटी है लेकिन गेहूँ, दाल, चना, बाजरा, मक्का, चना सहित अन्य पदार्थों को इतनी आसानी से पीसती है कि आपको बाजारों में धक्के खाने नहीं पड़ेंगे। तो जानते ‘इलेक्ट्रोनिक आटा चक्की’ के काम करने का तरीका।
ध्यान रखने वाली जरूरी बातें:

चक्की की मोटर:Electric Flour Mill

इस इलेक्ट्रोनिक चक्की को खरीदते समय आपको उसकी मोटर जो उसका मेन पार्ट होता है और वह उसका दिल होता है, इसलिए उसका ध्यान रखना बहुत जरूरी है। सबसे पहले आपको यह देखना जरूरी होगा कि हमारी चक्की आईएसआई हॉल मार्क की होनी चाहिए। चक्की की मोटर कम से कम 1 हॉर्स पॉवर की होनी चाहिए, क्योंकि मोटर का हॉस पॉवर जितना कम होगा वह उतनी ही कम बिजली की खपत करेगी।

मैटीरियल संबंधी विशेष ध्यान रखें:

चक्की में मुख्य तौर पर इस्तेमाल होने वाला हॉपर, जिसमें हम जिस भी मेटेरियल की पिसाई करनी है वह डाला जाता है, क्योंकि इस पार्ट में हमारे द्वारा पिसाई किए जाने वाले सामान को डाला जाना है इसलिए इसका विशेष ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि यह अगर घटिया कवालिटी का हुआ तो भविष्य में हमको परेशानियों से जूझना पड़ सकता है। आम तौर पर यह हॉपर स्टील का ही बना होता है, और इसकी केपेसिटी 5 से 6 किलो तक की होती है।

चक्की के व्हील होना जरूरी :-

उक्त चक्की आम तौर पर काफी भारी होती है इसलिए इस चक्की के नीचे टायर लगे होने बहुत जरूरी है, क्योंकि अक्सर इसका इस्तेमाल महिलाओं द्वारा ही किया जाना है इसलिए अगर इसके नीचे व्हील्स लगे होंगे तो महिलाओं को आसानी से इसको यहां से वहां ले जाने में परेशानी नहीं होगी और इसकी सफाई वगेरा करने में भी उनको कोई परेशानी नहीं होगी इसलिए इस बात का भी आपको विशेष ध्यान रखना है।

इस मशीन में मुख्यत:

दो मेन पार्ट है पहला तो ऊपर की ओर का हिस्सा जिसमें पिसाई किए जाने वाले पदार्थ को डाला जाता है, जिसमें बरती जाने वाली सावधानियां है, इसमे आपको सभी पिसाई करने वाले पदार्थ के बारे में पूरी जानकारी दी गई है जैसे कि अगर आपने बारीक पिसाई करनी है तो जाली नंबर 0 का इस्तेमाल होगा और गेहूं चावल बारीक आटे के लिए1 नंबर जाली का इस्तेमाल होगा। गेहूं, बाजरा इत्यादि की मीडियम पिसाई के लिए जाली नंबर 1.5 करनी होगी बाजरा, ज्वार व चना दाल के लिए 2 नंबर जाली का इस्तेमाल होगा आदि अन्य प्रकार की पिसाई बारे में भी आपको पूरी जानकारी मशीन के टॉप पार्ट में ही जानकारी दी गई है।

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