Existence

जरूरी है मानसिक और शारीरिक संतुलन

संतुलन दुनिया के तमाम तत्वों, व्यक्तियों, स्थलों और परिस्थितियों के लिए नितान्त जरूरी है तभी सभी अपने अस्तित्व और गुणवत्ता को बरकरार रख सकते हैं। इसी प्रकार इंसान के मन-मस्तिष्क और शरीर में संतुलन जरूरी है। पुरुषार्थ चतुष्टय के चार पायों धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष हैं और इनमें भी आनुपातिक संतुलन बने रहना जरूरी […]
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