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Monday, April 20, 2026
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    भिवानी में किसानों का फूटा गुस्सा, मंडी कार्यालय के बाहर जोरदार धरना

    Bhiwani News
    Bhiwani News: धरने पर बैठे नारेबाजी करते किसान। छाया: नितिन।

    बायोमैट्रिक शर्तों के खिलाफ सडकों पर उतरे किसान, खरीद प्रक्रिया पर उठाए सवाल

    • 350 करोड़ के बीमा क्लेम को लेकर भडके किसान, सरकार पर लगाए फ्रॉड के आरोप
    • बेमौसमी बारिश से फसल बर्बाद, मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन तेज
    • मांगें नहीं मानी तो प्रदेशभर में होगा बड़ा आंदोलन: किसान नेताओं की चेतावनी

    भिवानी (सच कहूँ/इंद्रवेश)। Bhiwani News: भिवानी में किसानों का गुस्सा अब सडकों पर खुलकर दिखाई देने लगा है। अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले किसानों ने सोमवार को मंडी कार्यालय के बाहर धरना देकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने मंडी खरीद में बायोमैट्रिक जैसी शर्तों, बीमा भुगतान में कथित गड़बड़ी और फसल नुकसान के मुआवजे को लेकर सरकार को चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। भिवानी की मंडी में आज उस वक्त माहौल गरमा गया जब अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान इकट्ठे हुए और मंडी कार्यालय के सामने धरना शुरू कर दिया। Bhiwani News

    किसानों ने मंडी में लागू की जा रही बायोमैट्रिक जैसी शर्तों को किसान विरोधी बताते हुए इसे तुरंत हटाने की मांग की।भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान राकेश आर्य और संतोष देशवाल ने कहा कि सरकार किसानों को पोर्टलों और नई-नई शर्तों में उलझाकर खरीद प्रक्रिया को धीमा कर रही है, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि बेमौसमी बारिश के कारण मंडियों में पड़ी गेहूं और सरसों की फसल भीग रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से न तो उचित उठान हो रहा है और न ही फसल को बचाने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इससे किसानों और व्यापारियों दोनों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।

    किसान नेताओं ने बताया कि हाल ही में हुई बारिश और ओलावृष्टि से करीब 40 प्रतिशत तक फसल खराब हो चुकी है, लेकिन अब तक मुआवजा नहीं दिया गया है। इतना ही नहीं, जलभराव और बाढ़ से प्रभावित किसानों का मुद्दा भी इस प्रदर्शन में प्रमुखता से उठा। किसानों का कहना है कि खरीफ फसल बर्बाद होने के बावजूद तीन दर्जन गांवों के प्रभावित किसानों को आज तक मुआवजा नहीं मिला है। वहीं कई गांवों में जलभराव के चलते हजारों एकड़ जमीन पर रबी फसल की बुवाई भी नहीं हो सकी। किसानों ने 350 करोड़ रुपये के बीमा क्लेम में फ्रॉड का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच और जल्द भुगतान की मांग की। उनका कहना है कि इस मांग को लेकर किसान पिछले 9 महीनों से धरने पर बैठे हैं, लेकिन सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही। Bhiwani News

    किसानों ने मंडियों में धीमी खरीद प्रक्रिया, पीने के पानी की समस्या और बाढ़ रोकथाम के लिए ठोस कदम न उठाए जाने को लेकर भी नाराजगी जताई। किसान नेताओं ने साफ चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगें नहीं मानी, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और पूरे हरियाणा में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। इसी कड़ी में किसानों ने 27 अप्रैल को हिसार में राज्य स्तरीय किसान कन्वेंशन आयोजित करने का ऐलान किया है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।

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