रोष। गांव निमड़ीवाली के खेतों में जबरन बिजली टावर लगाने का विरोध

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village Nimdiwali sachkahoon

सिर के बल खड़े हुए गुस्साए किसान

  • बोले-25 से 30 लाख रुपये दिया जाए मुआवजा

  • धरनारत्त किसान की हालत बिगड़ी

भिवानी (सच कहूँ/इन्द्रवेश)। जबरन टावर लगाने के मामले में किसानों और प्रशासन में टकराव बढ़ता जा रहा है। बगैर मुआवजा दिए टावर लगाने के विरोध में गांव निमड़ीवाली के किसान विभिन्न तरीकों से अपना विरोध दर्ज करवा रहे हैं तथा हरियाणा बिजली वितरण निगम के पावर ग्रिड के टावर लगाने की एवज में मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं। इसी के तहत गांव निमड़ीवाली धरने पर शनिवार को किसानों ने शीर्षासन कर विरोध जताया। बता दें कि खेतों में बिना किसी मुआवजा राशि के लगाए जा रहे हरियाणा बिजली वितरण निगम के पावर ग्रिड के टावरों के विरोध में गांव निमड़ीवाली में किसानों का धरना 30वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान किसानों ने कंपनी व प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं शनिवार को धरनारत्त किसानों में से किसान अत्तर अहलावत की हालत बिगड़ गई।

धरनारत्त किसानों ने कहा कि आज किसान शीर्षासन कर रहा है, आज किसान के पैर ऊपर है और सिर नीचे हैं। अगर प्रशासन व कंपनी के अधिकारी उनकी मांग नहीं मानते हैं तो आने वाले समय में किसान प्रशासन व कंपनी के अधिकारियों का शीर्ष आसन करवा कर ही मानेंगे। भाकियु जिला अध्यक्ष राकेश आर्य ने कहा कि सरकार जनता व किसानों की अनदेखी कर औद्योगिक घरानों को फायदा पहुंचा रही है। उन्होंने मांग की कि किसानों को प्रति टावर 30 लाख रुपए तथा जिसके खेत से बिजली की लाईन जा रही है, उसे प्रति एकड़ 25 लाख रुपए मुआवजा या प्रति माह का किराया दिया जाए।

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