life

जिन्दगी क्यों भार स्वरूप लगने लगती है?

0
कितनी ही बार बड़े काम आसानी से हो जाते हैं, पर छोटी चीजें देर तक अटकाए रहती हैं। बड़ी मुसीबतें और दुख झेल लिए जाते हैं, छोटे-छोटे दुखों से उबरना कठिन हो जाता है। दरअसल शुरू में हमें छोटे कामों की अहमियत ही नहीं पता चलती।

प्रेरणास्त्रोत : मां का प्रेम

0
पर तुम कैसे कह सकती हो कि मैं चक्रवर्ती सम्राट बनूंगा?’ मां ने कहा, ‘देख तेरे सामने के दांत पर नाग का चिह्न है।’ चाणक्य ने आईने में देखा तो मां की बात सही निकली।
Govind Ballabh Pant

ईमानदार मुख्यमंत्री

0
घटना उस समय की है, जब पं....
Government

सरकार के लिए आईना आर्थिक मंच की रिपोर्ट

0
हमारे देश के हुक्मरान स्त...
scientists

देश में वैज्ञानिकों की कमी ?

0
वैज्ञानिकों को लुभाने की ...
Identity of India

प्रेरणास्त्रोत: हिंदूस्तान की पहचान

0
इसलिए मंदिर की हिफाजत करना भी मेरा कर्तव्य है। मैं एक हिंदुस्तानी क्रांतिकारी हूं। देश के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने पर मैं स्वयं को गौरवान्वित अनुभव करता हूं।
Curb

कार्बन उत्सर्जन पर भारत ने लगाया अंकुश

0
इसी सिलसिले में भारत के कृषि वैज्ञानिक स्वामीनाथन ने कहा है कि यदि धरती के तापमान में 1 डिग्री सेल्शियस की वृद्धि हो जाती है तो गेहूं का उत्पादन 70 लाख टन घट सकता है।
Water policy

क्या नई नीति लक्ष्य पूरे करने में कामयाब होगी?

0
नई नीति में सुनियोजित ढंग से कृषि क्षेत्र में जल का उपयोग कम करने की रूपरेखा तय की जानी चाहिए। मूल्य वर्धित फसलों पर बल दिया जाना चाहिए जिनमें जल की खपत कम हो ताकि अगले तीन-चार वर्षों में जल की खपत में 8-9 प्रतिशत की कमी आए।
best thing

प्रेरणास्त्रोत : सबसे अच्छी चीज दें

0
यह सुनते ही डॉक्टर साहब ने जनेश्वर मिश्र जी से कहा- मेरे बक्स में दो स्वेटर रखे हैं, एक स्वेटर लेकर आओ। जनेश्वर जी ने बक्स खोला तो उसमें एक आधी बाजू की और एक पूरी बाजू की स्वेटर थी।
Citizenship Amendment Bill

नागरिकता संशोधन विधेयक और आबादी आक्रमण

0
मुस्लिम आबादी आक्रमण के माध्यम से भारत को एक इस्लामिक मजहबी राज में तब्दील करने की एक गहरी साजिश है। भारत का एक बार मजहब के आधार पर बंटवारा हो चुका है।

ताजा खबर

Story

खेल-खेल में स्कूल का जादू

0
कोमल सांखला।  एक छोटे से ...