वेल्स के दो शहरों को जोड़ती है ये ऐतिहासिक सुरंग
वेल्स की ‘गुप्त’ रेलवे सुरंग ‘एबरनेंट’। आपने शायद इसका नाम भी नहीं सुना होगा, लेकिन एक समय था जब इस सुरंग से होकर ट्रेनें गुजरती थीं। आखिरी बार यहां से ट्रेन करीब 58 साल पहले यानी साल 1962 में गुजरी थी।
राष्ट्रगान का सम्मान
सेठ के दिमाग ने तेजी से काम किया और उसने ग्रामोफोन पर जापान के राष्ट्र गान का रिकॉर्ड लगा दिया। चोर ने जब अपने देश के राष्ट्र गान की धुन सुनी तो वह फौरन सावधान की मुद्रा में खड़ा हो गया।चोर को उस मुद्रा में देख कर सेठ ने चोर के हाथ-पांव बांध दिए और पुलिस को फोन कर दिया।
बापू-रामचरितमानस
गांधीजी रामचरित मानस के बड़े प्रशंसक थे। वे तुलसीदास रचित इस कृति को संसार का अनुपम ग्रंथ मानते थे।


























