कालांवाली दोहरा हत्याकांड: जग्गा की तलाश मेें लगी 5 टीमें, पड़ोसी राज्य में छुपे होने की आशंका

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जग्गा पर है 15 मुकदमे दर्ज, एनआईए को भी है तलाश

  • पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते सरेंडर कर सकता है आरोपी जग्गा

सरसा/ओढां (सच कहूँ/राजू)। कालांवाली में बीते सोमवार को हुए दोहरे हत्याकांड मामले पुलिस ने गांव तख्तमल के जग्गा सरपंच सहित 5 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। दोनों मृतकों का मंगलवार सायं भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अंतिम संस्कार हुआ। इस घटनाक्रम को अंजाम देने के बाद सोमवार सायं जग्गा सिंह ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट डालते हुए न केवल इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली बल्कि उसने सरेआम कहा कि 2 को ठोक दिया है जो बच गए हैं उन्हें भी जल्दी ही मार देंगे। कालांवाली में जो भी सिर उठाएगा वो अपनी मौत का खुद जिम्मेदार होगा। जग्गा सिंह की इस पोस्ट का साइबर सैल द्वारा रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।

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वहीं इंस्टाग्राम के साथ भी संपर्क साधकर जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने बताया कि इस मामले में आरोपी जगसीर सिंह उर्फ जग्गा सरपंच की तलाश के लिए सीआईए पुलिस, कालांवाली पुलिस व साइबर सैल सहित 5 टीमें लगी हुई हैं। जग्गा के पड़ोसी राज्यों में छुपने की आशंका के चलते सरसा पुलिस साथ लगते राजस्थान व पंजाब क्षेत्र मेंं भी संपर्क बनाए हुए है। आरोपी जग्गा सिंह पर करीब 15 मुकदमे दर्ज हैं तो वहीं मृतक दीपू पर भी 10 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं दोनों घायलों में एक पर 8 तो वहीं दूसरे पर 5 मुकदमे दर्ज हैं। सूत्रों के मुताबिक जग्गा सिंह के पंजाब में छुपे होने की सूचनाएं मिल रही हैं। उसकी सही लॉकेशन की जानकारी के लिए साइबर सैल की टीम जुटी हुई है। चर्चा ये भी है कि जग्गा पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते सरेंडर भी कर सकता है।

एनआईए को भी है जग्गा की तलाश :-

आरोपी जगसीर सिंह जग्गा सरपंच के नाम से चर्चित है। वर्ष 2016 में उसकी पत्नी लखवीर कौर गांव की निर्विरोध सरपंच चुनी गई थी। जिसके बाद से जगसीर सिंह जग्गा सरपंच के नाम से मशहूर हो गया। जग्गा का क्षेत्र में काफी खौफ माना जाता है। गांव तो क्या आस-पड़ोस के गांवों मेंं भी उसकी सहमति के बगैर कोई चुनाव भी नहीं लड़ता था। जग्गा पर लूट, हत्या व डकैती सहित 15 मुकदमे दर्ज हैं। कुछ दिन पूर्व एनआईए ने भी जग्गा सिंह के यहां रेड की थी। इस दौरान जग्गा तो हाथ नहीं लगा, लेकिन उसके घर से हथियार व कारतूस बरामद हुए थे। जग्गा सिंह बंबीहा गैंग के संपर्क में है। वह कई बार गैंग के गुर्गांे को अपने क्षेत्र में हथियार व पनाह देता रहा है। एनआईए ने परिजनों को जग्गा के नाम नोटिस देते हुए पेश होने के लिए कहा था। लेकिन वह पेश नहीं हुआ।

दीपू के साथ चल रही थी पुरानी रंजिश :-

जग्गा की मृतक दीपू से पुरानी रंजिश होना सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि 21 नवंबर को भी पंजाब पुलिस की वर्दी मेंं आए कुछ युवकों ने खुद को बठिंडा सीआईए बताकर दीपू को ट्रक यूनियन से गाड़ी में बिठाने की कोशिश की थी। लेकिन योजना में सफल न होने के बाद उक्त आरोपी फरार हो गए। इस दौरान 2 गाडिय़ों में जग्गा सहित कई अन्य लोगों को देखा गया था। जग्गा दीपू के पीछे काफी दिनों से लगा हुआ था। सोमवार को मृतक दीपक उर्फ दीपू, विरेंद्र उर्फ दीपू, अमनदीप उर्फ काला, परमजीत उर्फ जग्गा व अन्य युवक सरसा कोर्ट में आए हुए थे। इस दौरान आरोपी जग्गा ने उनकी रैकी करनी शुरू कर दी। कालांवाली में पहुंचते ही देसू रोड पर जग्गा व उसके साथियों ने स्कॉर्पियो पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस फायरिंग में ट्रक यूनियन प्रधान दीपक उर्फ दीपू व विरेंद्र उर्फ दीपू की मौत हो गई जबकि अमनदीप व परमजीत घायल हो गए।

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