Literature

Shri Krishna Story: श्रीकृष्ण जी अपने बड़े भाई बलराम और प्रिय मित्र सात्यकि के साथ एक घने वन से होकर यात्रा कर रहे थे तभी...

एक समय की बात है। श्रीकृष्ण जी अपने बड़े भाई बलराम और प्रिय मित्र सात्यकि के साथ एक घने वन से होकर यात्रा कर रहे थे। दिन ढल चुका था और चारों ओर गहरा अंधकार फैलने लगा।
साहित्य 

Story: जब बापू ने मेरी बीएड के लिए अपनी ट्रॉली बेच दी

Story: मनुष्य इस संसार में आता है और एक दिन चला भी जाता है। यहां कोई भी सदा के लिए ठहरने नहीं आया। जो जन्म लेता है, उसका अंत निश्चित है; परंतु जीवन की धारा स्मृतियों के सहारे ही आगे बढ़ती रहती है। जैसे माँ का जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान होता है, वैसे ही […]
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Literature: मीठा रिश्ता बुआ का

Bua: बुआ के साथ रिश्ता बड़ा प्यारा और मीठा होता है। मुझे नहीं पता कि बुआ शब्द का शाब्दिक अर्थ क्या है। हाँ, जो फूं-फूं करता है, उसे फुफ्फड़ कहते हैं, और उसी से “फुफ्फी” शब्द बना है। भुआ को सास “फुफेस” कहती है। भुआ उसी घर में जन्मी होती है, जहां वह अपने भाइयों […]
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Struggle Life Story: संघर्ष भरे जीवन की अजीब दास्तां

Struggle Life Story: ‘‘भविष्य की तो कौन जानता है, पर किशोरवय की चंचलता के कारण उन्हें कई बार मां की ही नहीं, पिता की भी डांट खानी पड़ती। मां-पिता भविष्य देखते थे और वे किशोरियां वर्तमान, जिसमें भरे होते सपने-ही-सपने। असत्य तो उन सपनों के बीच समाता ही न था। हर लड़का राजा, हर लड़की […]
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Literature: दस रुपये की जिंदगी

जीवन चलने का नाम Literature: कई साल पहले मैं दिल्ली के एक व्यस्त मेट्रो स्टेशन पर खड़ा था, अपने नए रिज्यूमे को अंतिम रूप देने में व्यस्त। तभी एक छोटी-सी घटना ने मेरे जीवन का नजरिया बदल दिया। एक 8-9 साल की बच्ची, मैले-कुचैले कपड़ों में, मेरे पास आकर खड़ी हो गई। उसने बिना कुछ […]
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Literature: डर लगता है कि कहीं कोई प्याज की सब्जी को नजर न लगा दे….

Literature: हमारे गांव में मेरे पड़ोस में एक औरत रहती थी जिसका नाम निक्की था। हम उसे चाची निक्की कहते थे। असल में मेरे मम्मी-पापा उसे चाची कहते थे, और उनकी देखादेखी हम भी उसे चाची ही कहने लगे थे। उसके तीन बेटे थे, जिनमें सबसे छोटा कोई पांच साल का था। चाची लोगों का […]
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Piece of Land: जमीन का टुकड़ा

Piece of Land: पूरे बीस बरस बाद-अपने गांव लौटना उसे बड़ा अजीब सा लग रहा था। शाम के धुंधलके में जब वह गांव से थोड़ी दूर मोटर से उतरा तो एक अजीब-सी अनुभूति से भर उठा। गांव को कभी वह छोड़ेगा, इसकी कल्पना भी उसने नहीं की थी, जब वह जवान था, थोड़ी-सी भावुकता में […]
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Dream Room: स्वप्न कक्ष

Dream Room: एक शहर में एक परिश्रमी, ईमानदार और सदाचारी लड़का रहता था। माता-पिता, भाई-बहन, मित्र, रिश्तेदार सब उसे बहुत प्यार करते थे। सबकी सहायता को तत्पर रहने के कारण पड़ोसी से लेकर सहकर्मी तक उसका सम्मान करते थे। सब कुछ अच्छा था, किंतु जीवन में वह जिस सफलता प्राप्ति का सपना देखा करता था, […]
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Unique Relation: अनोखा एवं पवित्र रिश्ता

Unique Relation: यह बात कुछ पुरानी भी नहीं है और न ही नई। पांच-सात साल पहले की बात है। समय कब बदल जाता है कुछ पता नहीं चलता, लेकिन पता तब चलता है जब हमें उस रिश्ते का एहसास होता है। यह अनुभव बहुत ही अनोखा है और उतना ही सुंदर तथा पवित्र भी, जितना […]
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Motivational Story: Sanar : प्रेरक कहानी: संस्कार

एक घर मेें तीन भाई और एक बहन थी। बड़ा और छोटा पढ़ने में बहुत तेज थे। उनके मां-बाप उन चारों से बेहद प्यार करते थे मगर मझले बेटे से थोड़ा परेशान से थे। बड़ा बेटा पढ़ लिखकर डॉक्टर बन गया। छोटा भी पढ़-लिखकर इंजीनियर बन गया। मगर मझला बिलकुल आवारा और गंवार बनके ही […]
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एक ही कामवाली के कई-कई रूप और अनेकानेक व्याख्याएं

Female Servant Story: मेरी गली में भी कामवालियों को लेकर रोज ही चकल्लस चला करतीं। गली की मेमसाहबें कभी उनकी तारीफें करते न अघातीं तो कभी बुराइयां करते-करते। एक ही कामवाली के कई-कई रूप और अनेकानेक व्याख्याएं। बुराई-भलाई करने का भी एक अलग निंदारस चला करता जैसे कि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव चल रहा हो। […]
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Literature : मोतीलाल का किशोर बेटा जब घर से निकल गया तो…!

पीलीबंगा, हनुमानगढ़ (निशांत)। मोतीलाल का किशोर बेटा जब घर से निकल गया तो मोतीलाल की पत्नी निर्मला को इतना शोक लगा कि वह बुक्का फाड़कर और माथा पीट-पीटकर रोने लगी। अड़ोसी-पड़ोसी दौड़े आए और धीरज बंधाने लगे- कोई बानही, बबलू घर से ही तो गया है दो चार दिन में लौट आएगा। Literature हाय रे! […]
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