Lok Sabha elections can not be freed from traditional colors

पारंपरिक रंग से मुक्त नहीं हो सके लोकसभा चुनाव

लोकसभा चुनाव एक बड़ा लोकतांत्रिक त्यौहार है व 17वीं लोकसभा का चुनाव अंतिम चरणों में पहुंच चुका है, लेकिन 70 सालों के बाद भी राजनीति में कोई सकारात्मक परिवर्तन नहीं हुए। चुनावों के दौरान नेता जिस प्रकार के वायदे करते हैं वोटर उससे प्रभावित होता है व विकास की उम्मीद करता है लेकिन वास्तविक्ता बिल्कुल […]
सम्पादकीय