minorities

असंतोष की सर्दी: नागरिक बनाम धारा 144

एक जीवंत लोकतंत्र नागरिकों के विरोध प्रदर्शन अथवा सभी की राय और सहमति-असहमति का सम्मान करता है। इस बडी राजनीतिक चुनौती के समक्ष सरकार को सभी पक्षों के साथ वार्ता शुरू करनी चाहिए और लोकतंत्र में लोगों के विश्वास को बहाल करने के लिए तालमेल स्थापित करना चाहिए।
लेख 

विशेष: अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा

विश्वभर में अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करने व उनके योगदान को राष्ट्र निर्माण में सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक वर्ष 18 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय अल्पसंख्यक अधिकार दिवस मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने 1992 में इस दिवस को मनाने की शुरूआत की थी। जिसका उद्देश्य अल्पसंख्यकों के शिक्षा व संवैधानिक अधिकार का संरक्षण, […]
लेख 

भारत में अल्पसंख्यको को बहुसंख्यकों से भला कैसी असुरक्षा

नेताओं के पास यदि कुर्सी है, तब तक सब कुछ ठीक है। कुर्सी छिन जाए, तब वह अपना घटियापन दिखाने में देर नहीं लगाते। हाल ही में हामिद अंसारी उपराष्ट्रपति के पद से रूखस्त हुए हैं और जाते-जाते जिक्र कर रहे थे कि देश के मुस्लमान अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। जबकि […]
सम्पादकीय 

लोकतंत्र में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा जरूरी: अंसारी

नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का गुरुवार को कार्यकाल खत्म हो गया। राज्यसभा में स्पीच में उन्होंने कहा लोकतंत्र में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा बहुत जरूरी है। इसके लिए उन्होंने राधाकृष्णन सर्वपल्ली के एक बयान का जिक्र किया। बता दें कि शुक्रवार को नए उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू कार्यभार संभालेंगे। इससे पहले नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को […]
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