दिल्ली भाजपा ने वक्फ संसोधन विधेयक को लोस में पेश किये जाने का किया स्वागत

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नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष वीरेंद्र सरचेवा और पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष अनिस अब्बासी ने वक्फ संसोधन विधेयक को लोकसभा में पेश किए जाने का स्वागत किया है। सचदेवा के नेतृत्व में अल्पसंख्यक मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने पोस्टर लेकर रैली निकाली और इस विधेयक को लोकसभा में पेश किए जाने को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। दिल्ली भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के कार्यकतार्ओं ने रेल भवन चौराहे सहित छह स्थानों पर हाथों में बैनर लेकर जुलूस निकाला और मिठाइयां वितरित करके खुशी मनायी और मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। इस मौके पर अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष अनिस अब्बासी, नईम सैफी, फैसल मंसूरी, शबाना रहमान, इरफान सलमानी, जुल्फिकार अली, इमतियाज अहमद, मुर्शिदा खातून, खालिद चौधरी भी मौजूद थे।

इस मौके पर सचदेवा ने कहा, ‘नये वक़्फ बोर्ड विधेयक के सहारे दिल्ली ही, नहीं देश भर के मुसलमानों की तरक्की के लिए एक रास्ता खुलेगा और मुस्लिम समुदाय का एक विशेष समाज जो वक्फ को अपनी हुकूमत मान बैठा था और पसमंदा मुस्लिम भाईयों को हाशिए पर रखने की साजिश कर रहा था, अब उससे छुटकारा मिलेगा तथा वर्षों से सताए जा रहे पसमंदा मुस्लिम भाई बहनों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया जाएगा।

उन्होंने कहा,ह्लआज जो लोग वक़्फ बिल का विरोध कर रहे हैं, उनकी मानसिकता पर मुझे तरस आता है। यह विधेयक उन महिलाओं के लिए, उन बच्चों के लिए भी है, जिनके हक को पिछले 75 सालों से छीना गया है। उन्होंने कहा कि इसे वक्फ संशोधन विधेयक की जगह वक्फ सुधार विधेयक कहना ज्यादा बेहतर है, क्योंकि इसके पक्ष में समाज में खुद को अपेक्षित महसूस करने वाले वे सभी मुस्लिम भाई बहन है। उन्होंने कहा कि सिर्फ़ वे लोग इनका विरोध कर रहे हैं, जो हमेशा से मुस्लिमों पर राजनीतिक करने का काम किया है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अब सबका साथ सबका विकास सबके उपर लागू होगा।

दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष ने कहा कि जो लोग गुमराह होकर आज इसका विरोध कर रहे हैं उन्हें समझना पड़ेगा कि आखिर क्या कारण है कि वक्फ बोर्ड की जमीनों पर कोई अस्पताल या स्कूल क्यों नहीं बनता और वे सभी जमीने इधर उधर अटपटे दामों में ठिकाने लगा दिए जाते हैं। वहीं, अब्बासी ने कहा कि आजादी के लगभग आठ दशक बाद श्री मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं, जो वक्फ बोर्ड पर से कुछ लोगों का कब्जा हटा कर वक्फ को आम मुस्लिम को सौपना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को मिले 97 लाख सुझावों पर विचार करने के बाद यह विधेयक तैयार किया गया है। इसलिए इसका विरोध करना और इसपर राजनीति करने का प्रयास ना किया जाए।

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