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Heart Health Tips: 40 की उम्र के बाद जरूर करवाएं ये 3 मेडिकल टेस्ट, वरना बढ़ सकता है हार्ट अटैक का खतरा! जानें क्यों हैं जरूरी
40 की उम्र के बाद जरूर करवाएं ये 3 मेडिकल टेस्ट, वरना बढ़ सकता है हार्ट अटैक का खतरा! जानें क्यों हैं जरूरी
Heart Health Tips: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग काम और दूसरी जिम्मेदारियों के चलते अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं। घंटों बैठकर काम करना, बाहर का खाना, व्यायाम की कमी और मानसिक तनाव धीरे-धीरे शरीर को बीमारियों की तरफ धकेल सकते हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि कई बीमारियां शुरुआत में कोई खास लक्षण नहीं दिखातीं। जब तक व्यक्ति को परेशानी महसूस होती है, तब तक स्थिति गंभीर हो सकती है। इसलिए 40 साल की उम्र के बाद नियमित हेल्थ चेकअप करवाना बेहद जरूरी है।
1. ब्लड प्रेशर टेस्ट जरूर करवाएं | Heart Health Tips
दिल को स्वस्थ रखने के लिए ब्लड प्रेशर की नियमित जांच करना बेहद जरूरी है। हाई ब्लड प्रेशर को साइलेंट किलर कहा जाता है, क्योंकि कई बार इसके बढ़ने पर शरीर में कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते।
लंबे समय तक ब्लड प्रेशर बढ़ा रहने से दिल पर दबाव पड़ता है। इससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
40 साल की उम्र के बाद समय-समय पर अपना बीपी चेक करवाते रहें। अगर आपको पहले से हाई बीपी, मोटापा या डायबिटीज की समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित जांच करवानी चाहिए।
2. लिपिड प्रोफाइल टेस्ट से जानें कोलेस्ट्रॉल का स्तर
दूसरा जरूरी टेस्ट लिपिड प्रोफाइल है। इस जांच के जरिए खून में मौजूद कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर का पता चलता है।
इसमें मुख्य रूप से टोटल कोलेस्ट्रॉल, LDL, HDL और ट्राइग्लिसराइड्स की जांच की जाती है।
LDL को खराब कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है। इसका स्तर बढ़ने पर धमनियों में फैटी प्लाक जमा हो सकता है, जिससे दिल तक खून पहुंचने में परेशानी हो सकती है।
वहीं HDL को अच्छा कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है। यह शरीर से अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल हटाने में मदद करता है।
इसलिए 40 की उम्र के बाद डॉक्टर की सलाह से लिपिड प्रोफाइल टेस्ट करवाना चाहिए। इसकी रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर दिल से जुड़े जोखिमों का आकलन कर सकते हैं।
3. ब्लड शुगर टेस्ट से पता करें डायबिटीज का खतरा
तीसरी महत्वपूर्ण जांच ब्लड शुगर की है। डायबिटीज का सीधा संबंध दिल की बीमारियों के बढ़ते खतरे से होता है।
कई बार व्यक्ति को पता भी नहीं चलता कि उसका ब्लड शुगर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में फास्टिंग ब्लड शुगर और HbA1c टेस्ट से डायबिटीज या प्रीडायबिटीज की स्थिति का पता लगाने में मदद मिलती है।
प्रीडायबिटीज ऐसी स्थिति है, जिसमें ब्लड शुगर सामान्य से ज्यादा होता है, लेकिन डायबिटीज के स्तर तक नहीं पहुंचता।
अगर समय रहते इसका पता चल जाए तो खानपान में सुधार, नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रित करके टाइप-2 डायबिटीज का खतरा कम किया जा सकता है।
परिवार में किसी को हार्ट अटैक हुआ है तो रहें सावधान
- अगर आपके परिवार में माता-पिता या भाई-बहन को कम उम्र में दिल की बीमारी रही है, तो आपको अपनी सेहत को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
- इसके अलावा धूम्रपान, तंबाकू, शराब का सेवन, नींद की कमी, मोटापा और शारीरिक गतिविधियों की कमी भी दिल की सेहत को प्रभावित कर सकती है।
- ऐसे लोगों को डॉक्टर से सलाह लेकर अपनी उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार जरूरी जांच करवानी चाहिए।
दिल को स्वस्थ रखने के लिए बदलें ये आदतें
सिर्फ मेडिकल टेस्ट करवाना ही काफी नहीं है। दिल को स्वस्थ रखने के लिए अपनी जीवनशैली में भी सुधार करना जरूरी है।
- रोजाना कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि या व्यायाम करें।
- तली-भुनी और ज्यादा नमक वाली चीजों का सेवन कम करें।
- हरी सब्जियां, फल और फाइबर युक्त भोजन को डाइट में शामिल करें।
- धूम्रपान और तंबाकू से दूरी बनाएं।
- रोजाना पर्याप्त नींद लें।
- वजन और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखें।
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