ईरान-अमेरिका युद्ध की चपेट में भारतीय जहाज, कई हमलों में भारतीय नाविकों की मौत; बढ़ी समुद्री सुरक्षा की चिंता"

एमटी जलवीर पर हमला, 20 भारतीय नाविक सवार

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Iran-US War: ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य संघर्ष का असर अब वैश्विक समुद्री व्यापार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। खाड़ी क्षेत्र, होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच कई वाणिज्यिक जहाज हमलों का शिकार हुए हैं। इनमें ऐसे जहाज भी शामिल हैं जिन पर भारतीय नाविक तैनात थे या जो भारतीय हितों से जुड़े हुए थे। इन घटनाओं ने भारत की समुद्री सुरक्षा और नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।

एमटी जलवीर पर हमला, 20 भारतीय नाविक सवार

ओमान के शिनास बंदरगाह के निकट भारतीय जहाज एमटी जलवीर पर हुए हमले ने भारतीय अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जहाज पर कुल 20 भारतीय नाविक मौजूद थे। हमले के बाद जहाज को हुए नुकसान और चालक दल की स्थिति का आकलन किया जा रहा है। भारतीय एजेंसियां पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

एमटी मारिवेक्स को अमेरिकी कार्रवाई में भारी नुकसान

ओमान की खाड़ी में एमटी मारिवेक्स नामक तेल टैंकर भी संघर्ष की चपेट में आ गया। अमेरिकी बलों ने इस जहाज को कथित तौर पर समुद्री नाकाबंदी के उल्लंघन के संदेह में निशाना बनाया। हमले के समय जहाज पर 24 भारतीय नाविक मौजूद थे। मिसाइल हमले के बाद जहाज गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि ओमान के तटरक्षक बलों ने सभी भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया।

एमटी सेटेबेलो हादसे में तीन भारतीयों की मौत

इस संघर्ष की सबसे दुखद घटनाओं में से एक एमटी सेटेबेलो पर हुआ हमला रहा। होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हुए हवाई हमले में जहाज बुरी तरह तबाह हो गया। जहाज पर मौजूद 24 भारतीयों में से 21 को सुरक्षित निकाला गया, जबकि तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई।

एमटी स्काई लाइट पर शुरुआती हमले का असर

संघर्ष के शुरुआती दिनों में एमटी स्काई लाइट भी हमले का शिकार बना था। जहाज पर 15 भारतीय और 5 ईरानी नागरिक मौजूद थे। इस घटना में दो भारतीयों की मौत हो गई थी। इस हमले ने संकेत दे दिया था कि खाड़ी क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों के लिए हालात लगातार खतरनाक होते जा रहे हैं।

एमटी व्योम को भी झेलना पड़ा हमला

ओमान के तटीय क्षेत्र के पास एमटी व्योम पर हुए हमले में जहाज के कई महत्वपूर्ण हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना से समुद्री व्यापार को आर्थिक नुकसान पहुंचा और क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गईं। रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में भी भारतीय नागरिक हताहत हुए।

सन्मार हेराल्ड पर गोलीबारी

सन्मार हेराल्ड नामक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले में नियंत्रण कक्ष और ऊपरी हिस्सों को गंभीर नुकसान पहुंचा। जहाज पर हुई गोलीबारी से कई तकनीकी उपकरण प्रभावित हुए। इस घटना में तीन भारतीय नागरिकों की जान चली गई।

एलसीटी अलीह भी संघर्ष की चपेट में

एलसीटी अलीह जहाज को भी लगातार हमलों का सामना करना पड़ा। जहाज की संरचना और माल ढुलाई क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा, जिससे वह अपनी यात्रा पूरी नहीं कर सका। इस घटना में एक भारतीय गंभीर रूप से घायल हो गया।

भारत के लिए बढ़ती चुनौती

लगातार हो रहे इन हमलों ने भारत के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय नाविक कार्यरत हैं और भारत का ऊर्जा आयात भी इसी समुद्री मार्ग पर निर्भर करता है। ऐसे में क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता न केवल भारतीय समुद्री व्यापार बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी चिंता का विषय बन गई है।

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