Fatehabad: नशामुक्ति अभियान की जीवंत मिसाल, नशे के दलदल से निकलकर इटली तक पहुंचा सोनू

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Fatehabad:  फतेहाबाद सच कहूँ/विनोद कुमार शर्मा। जब नेतृत्व संवेदनशील हो और संकल्प दृढ़, तो बदलाव अवश्यंभावी हो जाता है। फतेहाबाद जिले में पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन, आईपीएस की प्रेरणा और मानवीय सोच ने एक ऐसे युवक की जिंदगी को नई दिशा दी, जो कभी नशे की गिरफ्त में अपना भविष्य खो चुका था। आज वही युवक इटली में मेहनत कर सम्मानजनक जीवन जी रहा है और नशा मुक्ति अभियान की जीवंत मिसाल बन चुका है। टोहाना क्षेत्र के गांव रत्ताखेड़ा निवासी सोनू सिंह की जीवन यात्रा संघर्ष, भटकाव और फिर आत्मविश्वास के साथ खड़े होने की प्रेरक कहानी है। एक साधारण किसान परिवार में जन्मे सोनू के जीवन में कठिनाइयाँ बचपन से ही शुरू हो गई थीं। मात्र 10 वर्ष की आयु में पिता के निधन के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति डगमगा गई और उन्हें चौथी कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी। कम उम्र में ही जिम्मेदारियों का बोझ उठाते हुए सोनू ने बाइक रिपेयरिंग का कार्य सीखा। अपनी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने टोहाना में खुद की वर्कशॉप स्थापित की। ईमानदारी और व्यवहार कुशलता के कारण उन्होंने क्षेत्र में अच्छी पहचान बना ली थी।

वर्ष 2019 में कोरोना महामारी और लॉकडाउन ने सोनू की आर्थिक स्थिति को बुरी तरह प्रभावित किया। कामकाज ठप हो गया, आमदनी रुक गई और मानसिक तनाव बढ़ने लगा। इसी दौरान गलत संगत में पड़कर नशे का सहारा लिया। शुरूआत में तनाव से राहत का माध्यम बना नशा धीरे-धीरे लत में बदल गया। मेहनत से कमाई प्रतिष्ठा धूमिल होने लगी और अंतत: रोजगार भी छिन गया। बेहतर भविष्य की तलाश में सोनू ने डंकी रूट के माध्यम से विदेश जाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें डिपोर्ट कर वापस भेज दिया गया। लगातार असफलताओं और नशे की लत ने उनके जीवन को लगभग तोड़ दिया था।

पुलिस की संवेदनशील पहल बनी मोड़

इसी दौरान फतेहाबाद पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नशामुक्ति अभियान की जानकारी गांव तक पहुंची। परिजनों ने थाना शहर टोहाना के माध्यम से अपनी व्यथा पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन तक पहुंचाई। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी जैन ने तुरंत संज्ञान लिया और नशा मुक्ति टीम प्रभारी सुन्दर लाल को गांव भेजकर संपर्क स्थापित कराया। एसपी सिद्धांत जैन ने कहा कि फतेहाबाद पुलिस का उद्देश्य केवल कानून लागू करना नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देना भी है। उन्होंने कहा, नशे के विरुद्ध लड़ाई केवल कानूनी कार्रवाई से नहीं जीती जा सकती। इसके लिए संवेदनशील पुनर्वास, परिवार का सहयोग और सामाजिक सहभागिता आवश्यक है।

नई दिशा, नई पहचान

लगातार प्रयासों और सकारात्मक वातावरण का परिणाम यह हुआ कि सोनू ने नशे को पूरी तरह त्याग दिया। उनका आत्मविश्वास लौटा और जीवन ने नई दिशा पकड़ ली। आज वह इटली में रहकर मेहनत कर रहे हैं और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर रहे हैं। सोनू स्वीकार करते हैं कि यदि समय पर फतेहाबाद पुलिस और एसपी सिद्धांत जैन का सहयोग न मिलता, तो उनका जीवन शायद भटकाव में ही समाप्त हो जाता। वे युवाओं से अपील करते हैं कि नशे से दूर रहें और किसी भी समस्या में पुलिस से संपर्क करने में संकोच न करें।

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