इमरान खान को मिली मोहलत, बिना अविश्वास प्रस्ताव के सदन की कार्यवाही स्थगित

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इस्लामाबाद (एजेंसी)। पाकिस्तान नेशनल असेंबली का बहुप्रतीक्षित सत्र, जिसमें प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ विपक्ष द्वारा बहुप्रतीक्षित अविश्वास प्रस्ताव पेश किया जाना था, शुक्रवार को यहां प्रस्ताव पेश किए बिना स्थगित कर दिया गया। सत्र की शुरूआत पवित्र कुरान के पाठ के साथ हुई और दिवंगत एमएनए ख्याल जमां और पूर्व राष्ट्रपति रफीक तरार को श्रद्धांजलि दी गई। संसद अध्यक्ष असद कैसर ने 28 मार्च (सोमवार) को शाम चार बजे तक संसदीय परंपराओं और सम्मेलन के अनुसार सत्र स्थगित कर दिया जबकि सूचना और प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी ने कहा कि संसद का सत्र स्थगित नहीं किया जाएगा।

अनुच्छेद 63-ए पर सर्वोच्च न्यायालय की व्याख्या निर्धारित करेगी देश का भविष्य: फवाद

पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी ने कहा है कि राष्ट्रपति ने देश के सर्वोच्च न्यायालय से संविधान के अनुच्छेद 63- ए की व्याख्या करने को कहा है और अब देश का भविष्य सर्वोच्च न्यायालय की यह व्याख्या ही तय करेगी। एक्सप्रेस ट्रिब्यून की शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी। ऊर्जा मंत्री हम्माद अजहर के साथ फवाद ने मीडिया से बात करते हुए सिंध हाउस मामले के हवाले से कहा, ‘देश में एक पारदर्शी लोकतांत्रिक व्यवस्था लागू करने के लिए जरूरी है कि वोटों की खरीद-फरोख्त पर पूरी तरह से रोक लगायी जाए।

उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से अनुच्छेद 186 के तहत उठाये गये सवालों के जवाब जरूरी है विशेष कर वोटों की खरीद फरोख्त से जडेÞ मामले। फवाद ने पाकिस्तान के चुनाव आयोग पर हाल ही में सीनेट चुनाव में कथित रूप से वोटो की खरीद फरोख्त के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में नाकामयाब रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय का फैसला देश के राजनीतिक परिदृश्य को बदल देगा और एक बड़ा कदम होगा जिसमें वोटों की खरीद फरोख्त में शामिल सांसद को जीवन भर के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है।

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