न्यू महिंद्रा कॉलोनी में डायरिया से फैली दहशत, दो की मौत

  • 76 मरीज डायरिया के साथ प्रभावित, 16 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती

  • स्थ्य विभाग द्वारा किए प्रबंध, पीने वाले पानी के सैंपल लिए गए

पटियाला। (सच कहूँ/खुशवीर सिंह तूर) जिले में डायरिया लगातार लोगों की जान लील रहा है। अब पटियाला के घलोड़ी गेट स्थित न्यू महिंद्रा कॉलोनी में डायरिया फैला चुका है। डायरिया फैलने के साथ दो बच्चों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक पांच वर्षीय लड़का और एक अढ़ाई वर्षीय बच्ची शामिल है। इस क्षेत्र में अब तक 76 के डायरिया के साथ प्रभावित मरीज सामने आ चुके हैं और 16 मरीज अस्पतालों में दाखिल हैं। इन 16 मरीजों में से 10 मरीज माता कुशल्या अस्पताल और 6 मरीज प्रॉइवेट अस्पतालों में उपचारधीन है। जानकारी के अनुसार गत दिवस शाम को यह डायरिया फैलने की सूचना आई थी और पांच वर्षीय बच्चा नकुल की मौत हो गई थी। इसी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंचने के बाद अधिकारियों द्वारा यहीं स्थिति का जायजा लेने का दावा भी किया गया।

आज सुबह अढ़ाई वर्षीय बच्ची महक की मौत हो गई और उसके बेबस पिता द्वारा अपनी बच्ची की लाश को हाथों में उठाकर शमशान घाट लगाया गया तब माहौल बेहद गमगीन हो गया। वहीं सिविल सर्जन डॉ. राजू धीर ने बताया कि रात को ही जिला एैपीडोमोलोजिस्ट डॉ. सुमीत सिंह के साथ स्थिति का जायजा लेने के बाद वरिष्ठ मेडिकल अधिकारी डॉ. कुशलदीप को तुरंत डॉक्टरों की टीम सहित दवाईयां और एम्बुलेंस एरिया में भेजने की हिदायत दी। इसके साथ ही राजिंद्रा अस्पताल, माता कुशल्या अस्पताल, कम्यूनिटी स्वास्थ्य केन्द्र मॉडल टाऊन और तृप्ति को भी अलर्ट जारी करते हुए मरीजों के दाखिले के लिए उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि एरिया के धर्मशाला में एक आरजी डिस्पेंसरी स्थापित कर दी गई है, जहां लोगों द्वारा डॉक्टरों से अपनी स्वास्थ्य जांच करवाकर दवाईयां ली जा रही हैं। वाटर सप्लाई एंड सेनीटेशन विभाग द्वारा पीने वाले पानी की सीवरेज के पानी के साथ मिक्सिंग होने की जांच के लिए पानी के कनेक्शनों और सीवरेज पाईपों की जांच की जा रही है। इसके साथ ही पानी की जांच के लिए अलग-अलग घरों से 7 पीने वाले पानी के 2 स्टूल सैंपल भी भरकर लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं।

आठ टीमें घर-घर जाकर लोगों को कर रही जागरुक : डॉ. सुमित सिंह

जिला एैपीडोमोलोजिस्ट डॉ. सुमीत सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा कैंप लगाकर दवाईयां देने के साथ-साथ घर-घर जाकर सर्वे करने के लिए 8 टीमें जिनमें आशा वर्कर और आंगनबाड़ी वर्कर शामिल थे, का गठन किया गया जो कि लोगों को घर-घर सर्वे करके लोगों को बीमारी से बचने के लिए साफ-सफाई का खास ध्यान रखने, पानी उबालकर ठंडा करके पीने, खाद्य वस्तुओं को ढककर रखने संबंधी जागरुक कर रहे हैं। इसके साथ ही जरुरतमंद लोगों को ओआरएस के पैकट बांटने और पानी को शुद्ध करके पीने के लिए क्लोरिन की गोलियों को बांटा गया और दस्त, उलटियां और बुखार की शिकायत वाले मरीजों को तुरंत कैंप में जाकर अपनी सेहत जांच करवाने और दवाई लेने के लिए भेजा गया।

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