पानीपत किसान महापंचायत, किसानों ने भरी हुंकार

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Panipat Kisan Mahapanchayat sachkahoon

गुरनाम सिंह चठूनी व राकेश टिकैत ने कृषि कानूनों के विरोध में सरकार को घेरा

  • किसान नेता बोले, किसान शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहा और सरकार भांज रही लाठियां

सच कहूँ/सन्नी कथूरिया, पानीपत। कृषि कनूनों को लेकर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर महापंचायत करने के बाद किसान हरियाणा में भी अलग-अलग जिलों में महपचांयत के चलते रविवार को पानीपत की अनाज मंडी में भी महापंचायत का आयोजन किया गया। महापंचायत में भारी संख्या में किसान पहुंचे। महापंचायत का समय सुबह 11:00 बजे रखा गया लेकिन दोपहर 1:00 बजे गुरनाम चठूनी पंचायत स्थल पर पहुंचे और उसके बाद राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत 2:00 बजे महापंचायत में पहुंचे किसान नेताओं का किसानों ने जय जवान जय किसान के साथ स्वागत किया।

राकेश टिकैत ने महापंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले लगभग 10 महीने से किसान इन कृषि कानूनों को लेकर आंदोलन पर बैठा है, हमारा किसान शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहा है और सरकार लाठियां बरसाने से बाज नहीं आ रही। राकेश ने कहा कि आज किसानों की सड़क के पास जमीन नहीं बची अगर होगी तो कमर्शियल काम नहीं कर सकता उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह आंदोलन अगर 10 साल भी करना पड़े करेंगे, इन कानूनों को हटाकर रहेंगे। उन्होंने कहा कि जब भी किसान आंदोलन का इतिहास लिखा जाएगा तो वर्तमान में सत्ता में बैठे लोगों को 700 किसानों का हत्यारा कहा जाएगा।

भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सरकार किसानों को बर्बाद करने पर तुली है। सरकार ने दिल्ली में 10 साल पुराने ट्रैक्टर बंद कर दिए हैं। उन्होंने किसानों से कहा कि अपने पुराने ट्रैक्टर तैयार रखो कभी भी कॉल आ सकती है। यदि सरकार नहीं मानी तो दिल्ली में फिर 10 साल पुराने ट्रैक्टर चलेंगे। यह सरकार भूल चुकी है कि इन को सत्ता में लाने वाले किसान ही हैं अगर किसानों को इनको सत्ता में ला सकते हैं तो उनको सत्ता से नीचे भी उतार सकते हैं

रोजगार देने की वजाय, युवाओं को किया बेराजगार

किसान नेता अभिमन्यु कुहाड़ ने कहा कि किसान आंदोलन आर्थिक आजादी की लड़ाई है। सरकार में आने से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दो करोड़ युवाओं को हर साल रोजगार देने का वादा किया था। उल्टा युवाओं को बेरोजगार कर दिया। मोदी जी को ऐसे ही झोला उठा कर जाने नहीं देंगे, एक-एक चीज का हिसाब उनसे मांगा जाएगा।

भारत बंद को लेकर गाइडलाइन जारी

संयुक्त किसान मोर्चा ने 27 सितंबर के भारत बंद के लिए दिशानिर्देश जारी कर दिए है। यह बंद आज
27 सितंबर को सुबह 6 बजे से शुरू होगा और शाम के 4 बजे तक जारी रहेगा। बंद सुबह 6 बजे शुरू होगा और शाम 4 बजे तक चलेगा। एसकेएम ने कहा था कि यह बिल्कुल शांतिपूर्ण होगा और किसान यह सुनिश्चित करेंगे कि जनता को कम से कम असुविधा का सामना न करना पड़े। किसान नेता राकेश टिकैत भी कई मौकों पर कहते नजर आए हैं कि 27 सितंबर के भारत बंद को लेकर आम लोगों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।

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