प्रतिभा की कोई उम्र नहीं। नेपाल में आयोजित 7वीं अन्तर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में मनवाया काबलियत का लोहा

सर्वश्रेष्ठ बुजुर्ग खिलाड़ी चांद सिंह ने रचा इतिहास, जीते 4 गोल्ड मैडल

झज्जर। (सच कहूँ/संजय भाटिया) मास्टर चांद सिंह अहलावत ने पोखरा स्टेडियम नेपाल में 16 से 19 नवम्बर, 2022 तक एसबीकेएफ द्वारा आयोजित 7वीं अन्तर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में शानदान प्रदर्शन करते हुए 80 आयु वर्ग की चार स्पर्धाओं में शॉपुट, डिस्कस थ्रो, ज्वेलिन थ्रो और हैमर-थ्रो में 4 स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यहीं नहीं 4 किलो शॉटपुट स्पर्धा में 10.37 मीटर गोला फेंककर अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में नया कीर्तिमान स्थापित किया और चांद सिंह अहलावत को सर्वश्रेष्ठ बुजुर्ग खिलाड़ी होने का खिताब देकर सम्मानित भी किया गया है। सोमवार को रोहतक रेलवे स्टेशन पर पहुंचने पर चांद सिंह अहलावत का ख्रेल प्रेमियों और शहर वासियों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। मूलरूप से गांव डीघल निवासी मास्टर चांद सिंह की फिटनैस युवाओं और बुजुर्गों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बनी हुई है।

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पांच देशों के 2500 के लगभग खिलाड़ी रहे शामिल

गौरतलब है कि पोखरा स्टेडियम नेपाल में भारत, नेपाल, भूटान, कतर और ओमान सहित पांच देशों के 2500 के लगभग पुरूष एवं महिला खिलाड़ियों ने भाग लिया। चांद सिंह अहलवात अगले महीने 3 से 4 दिसम्बर, 2022 तक कोलालम्पुर मलेशिया में होने वाली अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। अहलावत ने बताया कि मेरे 62वर्ष के खेल जीवन में मैं अब तक 4 हजार के लगभग राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार कर चुका हूँ जिन्हें भीम अवार्ड, द्रोणाचार्य अवार्ड, अर्जुन अवार्ड, पदमश्री अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है और स्वयं मैं 680 के लगभग पदक जीत चुका हूँ।

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